सिद्धार्थनगर। जिले को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस एनआईसी भवन मिल जाएगा। क्योंकि भवन बनाने का कार्य आखिरी चरण में चल रहा है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद काम में एकदम तेजी आ गई है।
उम्मीद है कि नये साल पर एनआईसी भवन में बैठक और कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बन जाने सरकारी बैठक सहित अन्य तकनीकी कार्य में बहुत आसानी हो जाएगी। तकनीकी सेवाओं पर तेजी से निर्भरता बढ़ रही है। सरकारी कार्य और गतिविधियों के संचालन के लिए एनआईसी यानी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र का संचालन होता है। जहां से विभागीय सर्वर सहित सरकार की ओर होने वाले सूचनाओं के आदान प्रदान, हाईस्पीड इंटरनेट से किया जाता है।
यहीं पर वीडियो कांफ्रेंसिंग सहित अन्य विभागीय गतिविधियों से जुड़ी बैठक होती है। विकास भवन में एनआईसी संचालित होता है। जहां प्रर्याप्त जगह भी नहीं। उपयोगिता को देखते हुए एनआईसी के खुद के भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। डीआईओएस कार्यालय के पास भूमि चिह्नित करके लगभग तीन साल पहले भवन बनाने का कार्य शुरू हुआ। लेकिन बीच में लगभग एक साल तक निर्माण कार्य ठप पड़ा था।
जिलाधिकारी की ओर से भवन का निरीक्षण किया गया था। इसके बाद जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद काम में तेजी आग गई है। अधूरी दीवाल को पूरी करने के साथ ही अन्य कार्य भी हो किया जा रहा है। काम लगभग आखिरी चरण में पहुंच गया है। उम्मीद है नए साल पर प्रशासन को खुदा का एनआईसी भवन मिल जाए।
बैठक के लिए बड़ा हाल, तकनीकी सुविधा से रहेगा लैस : एनआईसी भवन हाईटेक सुविधा से लैस होगा। हाईस्पीड कनेक्टिविटी सुविधा होने के साथ ही बड़ा हाल होगा। जहां पर एक साथ बड़ी संख्या में लोग किसी बैठक में हिस्सा ले सकें। इसमें कांफ्रेंस के लिए प्रोजेक्टर आदि की सुविधा रहेगी।
इंटरनेट के लिए अलग रूम होगा। साथ ही चुनाव और अन्य कंट्रोल बनाने की भी इसमें अलग रूम की व्यवस्था करने की योजना है।
ऐसे में इसके अस्तित्व में आने के बाद जिले को तकनीकी सेवा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही प्रशासन को भी सहूलियत मिलेगी।