इटवा। थाना क्षेत्र में 19 अप्रैल को नहर में मिली नवजात इलाज के बाद स्वस्थ हो गई। उसे 19 अप्रैल 2026 को मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. नम्रता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज हुआ। अब स्वस्थ होने के बाद उसे गोंडा भेजा गया।
भर्ती होने के बाद चिकित्सकीय टीम ने बालिका की लगातार निगरानी की और आवश्यक दवाएं एवं पोषण उपलब्ध कराया। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कर उसकी स्थिति पर नजर रखी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इलाज और उचित देखभाल के चलते नवजात के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ। बालिका की सेवा और देखभाल में एसएनसीयू स्टाफ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। नर्सिंग इंचार्ज श्रीश श्रीवास्तव ने व्यवस्थाओं की निगरानी की। वहीं, नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला मैसी और पूजा भारती, शिल्पी सिंह और रिंकी गुप्ता ने नियमित रूप से देखभाल की। वार्ड आया रीना, सरिता तथा गार्ड जय प्रकाश सहित अन्य कर्मचारियों ने भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
चिकित्सकों के प्रयास और स्टाफ की सतत सेवा के बाद नवजात पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गई। इसके बाद बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार बालिका को आगे की देखरेख एवं संरक्षण के लिए दत्तक ग्रहण कर गोंडा भेज दिया गया। बालिका को सुनील उपाध्याय तथा नाजिया अजीज खान सुरक्षित रूप से अपने साथ लेकर गए। अस्पताल प्रशासन ने इस सफल उपचार पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नवजातों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही इस कार्य में लगे चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना की गई।