सिद्धार्थनगर। नगर के रघुबर प्रसाद जायसवाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व-कृतित्व की जानकारी दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि विद्यालय के निदेशक बृजकिशोर मणि त्रिपाठी ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में साहसिक कार्य करने वालों और उसे सफलता तक ले जाने वालों में सुभाष चंद्र एक थे। उनके प्रेणा से ही आजाद हिंद फौज के सेनानियों में स्वतंत्रता की चिंगारी ज्वाला के रूप में प्रज्ज्वलित हुई। इस दौरान प्रधानाचार्य महादेव प्रसाद, अंजू चौहान, पंकज सिंह, सोमेंद्र सिंह, अखंड प्रताप सिंह, राजकिशोर चौधरी, कोमल यादव, आनंद मिश्र, इश्वर देव शुक्ल, जगदीश यादव, आशुतोष त्रिपाठी, महेंद्र प्रताप मिश्र, विवेक सिंह आदि मौजूद रहे।
इसी तरह ब्रह्मर्षि बावरा सिद्धार्थ ममता गृह में सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। यहां चित्र कला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें अमित गुप्ता प्रथम, राजन और निशा द्वितीय, आकाश और त्रिलोकी त्रृतीय स्थान पर रहे। इस दौरान श्याम नरायन चौबे, संकठा प्रसाद पांडेय, संचालक अरुण कुमार त्रिपाठी, गुडिय़ा, बबिता, अमित, धर्मराज, पूजा, रीना, ममता, शिवशंकर आदि मौजूद रहे। उधर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने गोविंद माधव की अगुवाई में सोमवार को सनई चौराहा पर लगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति की सफाई की और माल्यार्पण कर उनको नमन किया।
गोविंद माधव ने कहा कि नेताजी में शुरू से ही देश की तरक्की और विकास की सोच थी। आज के युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने की जरूरत है। इस दौरान मंगेश, रामशब्द, महेश वर्मा, विपिन सिंह, मोहन, घनश्याम वर्मा, दिलीप चतुर्वेदी, राजेंद्र पांडेय, देवेंद्र मिश्र, रामदेव कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
डुमरियागंज। नगर स्थित मित्रसंघ कार्यालय पर सेमवार को नेता जी सुभाषचंद्र बोस की जयंती धूमधाम से मनाई गई। नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर लोगों ने उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। मित्रसंघ का स्थापना दिवस भी मनाया।
राष्ट्रीय महासचिव मित्रसंघ रामआशीष पाठक ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई थी। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लडने के लिए आजाद हिंद फौज को गठित किया। जय हिंद आज देश के नारे के रुप में पहचान बना लिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष सनी श्रीवास्तव व जिला संयोजक वासुदेवधर दुबे ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डाला। इस दौरान चेयरमैन डीसीपीएफ रमापति दुबे, राजन श्रीवास्तव, बतासा बाबा, रामबक्स गौतम, डंपू पांडेय, राजेंद्र तिवारी, मुनीराम, लालजी दुबे, गुड्डन श्रीवास्तव, रामसुमेर यादव, भोला श्रीवास्तव, राकेश गौतम, सत्यप्रकाश, विश्वामित्र त्रिपाठी, राजेंद्र चौरसिया आदि मौजूद रहे।
शोहरतगढ़। सेठ रामकुमार खेतान बालिका इंटर कॉलेज में सोमवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 120वें जयंती पर संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें मुख्य अतिथि लालता प्रसाद चतुर्वेदी, प्रधानाध्यापक अंजू मिश्रा सहित शिक्षकों व छात्राओं ने चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। संगोष्ठी में छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि लालता प्रसाद चतुर्वेदी ने कहा कि भारत को उपनिवेशवाद से आजाद कराने में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि हमेशा समाज के वंचित वर्ग की भलाई और हितों को लेकर सजग थे।
आजादी के संघर्ष में नायक की भूमिका निभाने वाले नेता सुभाष चंद्र बोस के साहस व बलिदान को देशवासी सदैव याद रखेंगे। उन्होंने नेताजी की जयंती पर अवकाश न घोषित होने पर चिंता जताई। प्रधानाचार्य अंजू मिश्रा ने कहा कि देश की आजादी में बोस का महत्वपूर्ण योगदान रहा। क्रांतिकारियों से डर कर फिरंगी देश छोड़ने को मजबूर हुए। इस दौरान सत्यप्रकाश शुक्ल, शकीला परवीन, चंदा अग्रहरी, कल्पना अग्रहरि, विनय सिंह, बालमुकुंद वर्मा, गणेश प्रसाद, बृजपति कौशल, गीतांजलि सिंह, सीमा शुक्ला, मेघश्याम गुप्ता, रीना, अपर्णा आदि मौजूद रहे।
बढ़नी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बढनी इकाई ने ब्रजवेश्वरी इंटर कॉलेज घरुवार के परिसर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई। कार्यक्रम में अमित मौर्य, विनय सिंह, अध्यापक मुकेश निगम, प्रधानाचार्य उदय प्रकाश मौर्य आदि ने नेताजी के व्यक्तित्व-कृतिज्त्व पर प्रकाश डाला। संचालन संजय अग्रहरि ने किया। इस मौके पर शिव मंगल, रवि अग्रहरि, संजय वरुण, मयूर श्रीवास्तव, अंजली, शारदा, पूजा, जनार्दन, जेशराम, प्रहलाद, सरिता, विजय, पिंटू, रंजीत आदि मौजूद रहे।
इटवा। सरस्वती विद्या मंदिर कमदा लालपुर में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई। प्रधानाचार्य ने चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। तहसील प्रभारी किशन जायसवाल ने कहा कि नेताजी शुरू से ही क्रांतिकारी स्वभाव के थे। वर्ष 1920 में भारत की प्रतिष्ठित परीक्षा आईसीएस पास करने के बाद उनका दिल उसमें नहीं लगा। उन्हें मात्र देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने की चिंता थी। नगर मंत्री नीतिश जायसवाल ने कहा कि सुभाष जी के तुम मुझे खून दो मैं तुझे आजादी दूंगा... के नारे के बाद सभी जाति-धर्म के लोग आंदोलन में कूद पड़े। कार्यक्रम में धर्मेश त्रिपाठी, अनमोल गौतम, शिवकुमार, राणा प्रताप, दुर्गेश कसौधन, शिव शंकर शर्मा, कृष्ण गोपाल, अनिल गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन छात्रा रिषिता जायसवाल ने किया।