जमापूंजी खत्म हुई तो भुखमरी की नौबत आ गई। इस पर सभी मजदूरों ने परिवार के साथ भारत लौटने का निर्णय लिया। बताया कि 86 पुरुष, महिला, बच्चे बृहस्पतिवार देर शाम अलीगढ़वा बॉर्डर पर पहुंचे। नाके पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें भारत में प्रवेश नहीं करने दिया। लौटे तो नेेपाल के सुरक्षा बल ने प्रवेश नहीं करने दिया।
अब ये मजदूर मासूम बच्चों और महिलाओं के साथ नो मैंसलैंड पर आंधी बारिश में खुले आसमान रहने को मजबूर हैं। इनमें से अधिकतर मजदूर पीलीभीत जिले के बीसलपुर के रहने वाले हैं। कानूनी पेंच की वजह से 24 घंटे बीतने के बाद भी उन्हें भारत में प्रवेश नहीं मिल सका है।
एसडीएम सदर उमेशचंद्र निगम ने बताया कि इन मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में बीएसएफ के अधिकारियों से बातचीत हो रही है, जल्द ही सबको उनके घर पहुंचा दिया जाएगा।