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Siddharthnagar News: प्रतिबंध पर जल उठा था नेपाल, अब कानून वापस

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नेपाल प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। स्रोत सोशल मीडिया
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- नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया बिल लिया वापस, संसद परिसर में शहीदों की मूर्ति लगाने को मंजूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। सोशल मीडिया पर नेपाल में भड़के जेन-जी (जन आंदोलन) में नेपाल जल उठा था। युवा सड़कों पर थे, जिसकी आग सीमावर्ती इलाकों तक पहुंची। आंदोलन में पुलिसकर्मी शहीद हुए थे, तो दूसरी ओर आंदोलन करने वाले कई युवाओं की जान चली गई। प्रधानमंत्री को देश छोड़ने तक की नौबत आ गई। अब सरकार ने कानून वापस ले लिया है। इससे जेन-जी जीत मान रहा है।
नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया से जुड़े विवादित विधेयक को वापस लेने का फैसला किया है। मंगलवार को बालूवाटार स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में सोशल मीडिया बिल 2081 को फेडरल पार्लियामेंट से वापस लेने की मंजूरी दी गई। सरकार के प्रवक्ता एवं गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने बताया कि यह विधेयक सोशल मीडिया के संचालन, उपयोग और रेगुलेशन से संबंधित नियम बनाने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसे वापस लेने का निर्णय लिया है।
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कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्माणाधीन संसद भवन परिसर में जेन-जी (जन आंदोलन) के शहीदों की मूर्तियां स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए सिंह दरबार कॉम्प्लेक्स के मास्टर प्लान में बदलाव को स्वीकृति दी गई है। इससे पहले 22 जनवरी को प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने संसद भवन के निर्माण से जुड़े मास्टर प्लान में आवश्यक संशोधन कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
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ताजा फैसले को उसी क्रम में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार के इन निर्णयों को जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दिशा में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, वहीं शहीदों की स्मृति को सम्मान देने की दिशा में भी यह एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
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