शाहपुर। डुमरियागंज नगर क्षेत्र के माली मैनहा गांव स्थित शिव मंदिर पर चल रही नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान कथावाचक पं. राकेश शास्त्री ने शिव-पार्वती विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।
कथा व्यास ने बताया कि पर्वतराज हिमालय की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर माता जगदंबा ने उन्हें पुत्री रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती ने उनके घर जन्म लिया। बाल्यकाल से ही पार्वती भगवान भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। जब वह विवाह योग्य हुईं तो पर्वतराज को उनकी शादी की चिंता सताने लगी।
इसी दौरान महर्षि नारद ने हिमालय के घर पहुंचकर भगवान शिव के साथ पार्वती के विवाह का योग बताया। कथा में आगे बताया गया कि जब भगवान शिव नंदी पर सवार होकर भूत-प्रेतों की बरात के साथ पहुंचे तो यह दृश्य देखकर पर्वतराज और उनके परिजन चकित रह गए। हालांकि माता पार्वती ने प्रसन्नता के साथ भगवान शिव को अपने पति के रूप में स्वीकार किया। विवाह प्रसंग के दौरान प्रस्तुत शिव-पार्वती विवाह की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। वहीं, भक्ति गीतों और भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमते नजर आए।
इस अवसर पर यज्ञाचार्य अभिनंदन मिश्रा, पंकज शास्त्री, शुभम, आशीष, दिलीप, राधेश्याम, जोखू यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।