संवाद न्यूज एजेंसी
भवानीगंज। थाना क्षेत्र के भड़रिया गांव में स्थित दुर्गा मंदिर में आयोजित रामलीला के प्रथम दिन कलाकारों ने नारद मोह का मंचन किया, जिसे देख श्रद्धालु जयकारे करने लगे। नव युवक रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला का मंगलवार की रात डॉ. राजेश कुमार गुप्ता द्वारा शुभारंभ किया गया।
मंच पर दिखाया गया कि नारदजी भ्रमण करते हुए हिमालय की तलहटी में पहुंच कर तपस्या करने लगे। तपस्या के प्रभाव से देवराज इंद्र का सिंहासन हिल गया। उन्होंने कालदेव से इसका कारण पूछा। उन्होंने बताया कि देवर्षि नारद आपके सिंहासन को प्राप्त करने के लिए तप कर रहे हैं। इंद्र ने अपने मित्र कामदेव को बुला कर नारद की तपस्या भंग करने के लिए भेजा। कामदेव वहां जाकर अपनी सारी कलाओं का प्रदर्शन करते हैं, लेकिन नारदजी का तप भंग नहीं होता।
अंत में कामदेव उनकी शरण में चला जाता है, और उसे क्षमा कर देते हैं। नारद जी अपने हृदय में विचार करते हैं कि उन्होंने काम पर विजय प्राप्त कर ली है। इसका प्रचार करना चाहिए। वह भगवान शंकर, ब्रह्माजी आदि को इसकी जानकारी देते हैं। सभी उनको समझाने का प्रयास करते हैं। भगवान विष्णु अपने हृदय में विचारते हैं कि उनके भक्त नारद के हृदय में अभिमान हो गया है। उसे नष्ट करने के लिए विश्व मोहिनी को प्रकट करते हैं। नारद उसको देख मोहित हो जाते हैं और उसे प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु से अपना रूप मांगते हैं।
विष्णु जी उन्हें बंदर बना देते हैं, जिससे उनका अभिमान दूर हो जाता है और वह भगवान को श्राप दे देते हैं। इस मौके पर विजय मिश्र, राजकुमार निषाद, संतोष पासवान, गोपाल बाबा अष्टभुजा यादव, रामनिवास गुप्ता, विशाल सिंह, लाल धुरिया, सियाराम गौतम, जयप्रकाश द्विवेदी, राम ख्याल शर्मा, कृष्ण देव, बाबूलाल गुप्ता, छोटू मौर्य, लक्ष्मण मौर्य उपस्थित रहे।