सिद्धार्थनगर। प्रो. यूएस राय ने बताया कि नैनो विज्ञान ने जीवन के हर क्षेत्र में अपनी गहरी पैठ बनाई है। सूक्ष्मता के मापन और अनुप्रयोग पर आधारित भौतिक विज्ञान की यह विधा कोई बहुत नई नहीं है। अनुप्रयोग के रूप में यह बहुत प्राचीन है। लेकिन हाल के वर्षों में हुए शोधों ने इसके अध्ययन को एक नई दिशा प्रदान की है।
प्रो. राय मंगलवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के विज्ञान संकाय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नैनो विज्ञान अति सूक्ष्म मशीनें बनाने का विज्ञान है। जो इंसान के जिस्म में उतर कर, उसकी धमनियों में चल-फिर कर वहीं रोग का ऑपरेशन कर सके। ऐसी मशीनें, जो मोबाइल को आपके नाखून से भी छोटा कर दें। जो ऐसी धातु बना दें, जो स्टील से दस गुना हल्की और सौ गुना मजबूत हो। उसे नैनो विज्ञान कहते हैं। इस विज्ञान से लोगों को कम समय में गहरी से गहरी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। कुलपति प्रोफेसर हरि बहादुर श्रीवास्तव ने यूएस राय को पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। इस दौरान वित्त अधिकारी अजय कुमार सोनकर, प्रो प्रकृति राय, प्रो हरीश शर्मा, प्रो सौरभ श्रीवास्तव, डॉ लक्ष्मण सिंह, जेपी सिंह, डॉ जितेंद्र सिंह, डॉ रक्षा मौजूद रहीं।