27 गांवों को मिली शहर की पहचान
नगर पालिका के विस्तार से शहर व शामिल गांवों के ग्रामीणों में प्रसन्नता
दशकों से सिद्धार्थनगर नगर पालिका के सीमा विस्तार की उठ रही थी मांग
कैबिनेट की बैठक में सीमा विस्तार को मिली मंजूरी, भाजपाइयों में जश्न
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के क्षेत्र का दायरा बढ़ाने का निर्णय हो ही गया। बहुप्रतीक्षित मांग मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के साथ पूरी हो गई। सीमा विस्तार में आसपास की 27 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया हैं। मंत्रिमंडल के इस फैसले से भाजपाइयों के साथ ही क्षेत्रवासियों में जश्न का माहौल है।
29 दिसंबर 1988 को जनपद सृजन के समय मुख्यालय स्थित नगर पालिका टाउन एरिया के रूप में स्थापित थी। जनवरी 1990 में नगर पंचायत से नगर पालिका का दर्जा मिला, पर पूर्व के 10 वार्ड वाले नगर पालिका का विस्तार करते हुए उसी क्षेत्र के दायरे में 25 वार्ड बनाकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। इसके बाद से लगातार 29 वर्षों से सीमा विस्तार नहीं हो सका। ऐसा भी नहीं कि इसके लिए प्रयास नहीं हुए। इसके लिए वर्ष 2003 से कोशिशें शुरू हुईं, पर हर सरकार के कार्यकाल में फाइल शासन तक पहुंचती रही। ठोस राजनीतिक पैरवी न होने व आपत्ति दाखिल होने के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता था। एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने के बाद सीमा विस्तार के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा की ओर से नवीन प्रस्ताव भेजा गया। मंगलवार को मंत्रिमंडल के सदस्यों की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की अगुवाई में लिए गए फैसलों में नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के सीमा विस्तार को भी मंजूरी दी गई। सीमा विस्तार की मंजूरी मिलने पर ग्राम प्रधान संघ के जिला संरक्षक श्याम नारायन मौर्य, जयंत पांडेय, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राम करन गुप्ता ने मुख्यमंत्री समेत जिले के सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी है। मंगलवार को लखनऊ में पहुंचकर नगर पालिका अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सतीश द्विवेदी को मिठाई खिलाकर आभार जताया। इस मौके पर शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह भी मौजूद रहे।
इन गांवों को मिलेगा शहरी दर्जा
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर का सीमा विस्तार होने पर बर्डपुर नंबर 14 आंशिक, तेतरी, भीमापार, सेमरनार, पिपरी, परसा शाहआलम, महनगा, मुड़िला, खजुरिया, साड़ी, सकतपुर, सनई खुर्द, बसडिलिया, मधुकरपुर, जगदीशपुर खुर्द, दतरंगवा, परसा महापात्र, पकड़ी, पोखरभिटवा आंशिक, बभनी खुर्द, थरौली, रोमापार, बेलसड़, बड़गो, रेहरा, पिपरा पांडेय, पिठनी खुर्द शामिल हैं। इन गांवों के संपूर्ण गाटा व आंशिक गाटा का अलग-अलग उल्लेख है।
भाजपाइयों ने मिठाई खिलाकर जताई खुशी
नगर पालिका के सीमा विस्तार पर भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष गोविंद माधव की अगुवाई में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रसन्नता जाहिर की। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष बृज बिहारी मिश्र, कन्हैया पासवान, शिवनाथ चौधरी, पंकज चौबे, अरविंद उपाध्याय, विजयकांत चतुर्वेदी, देवेन्द्र मिश्रा, महेश वर्मा, विपिन सिंह, रमेश पांडेय आदि की मौजूदगी रही। जबकि सदर विधायक श्याम धनी राही के कार्यालय पर पूर्व नगर अध्यक्ष श्याम सुंदर मित्तल की अगुवाई में खुशी जताई गई। इस दौरान डॉ. रामानंद वर्मा, अश्वनी चौबे, बाल गोविंद पाठक, बाल गोविंद पाठक, बाल मुकुंद जायसयवाल, सुधीर सिंह, भानु प्रताप सिसौदिया भी उपस्थित रहे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई विस्तार की खबर
लखनऊ में 11 बजे कैबिनेट की बैठक में नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के सीमा विस्तार को मंजूरी मिलने की खबर आते ही सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई। कोई क्रेडिट लेने की होड़ में रहा तो कई ने अपने-अपने चहेते माननीयों को श्रेय देते हुए बधाई दी और प्रसन्नता व्यक्त की।
कोट
वर्ष 2003 में पहली बार सीमा विस्तार के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का सिलसिला शुरू हुआ। भगवान श्रीराम का वनवास 14 वर्ष में पूरा हो गया, पर विस्तार का वनवास खत्म होने में 16 वर्ष लग गए। इस सफलता में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, सदर विधायक श्याम धनी राही समेत सभी जनप्रतिनिधियों का योगदान अहम है। जिलाधिकारी की भूमिका अहम रही। शामिल गांवों को नगरीकरण के लक्षण प्रतिलक्षित करने की दिशा में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
-श्याम बिहारी जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका।
अब शहरी क्षेत्र में आएंगे डीएम, एसपी के कार्यालय व आवास
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर का सीमा विस्तार होने के बाद अभी तक ग्राम पंचायत में शामिल रहे जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण अफसरों के कार्यालय व आवास भी अब शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज समेत कलेक्ट्रेट भवन, विकास भवन, कृषि भवन, पुलिस लाइंस, जिला कारागार, बीएसए कार्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, संयुक्त जिला चिकित्सालय, उद्यान पार्क, जनपद न्यायालय, न्यायायिक अधिकारियों के आवास, भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय, एसएसबी कार्यालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय शहर, विकास खंड नौगढ़ कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ विद्युत वितरण खंड कार्यालय आदि भी शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाएगा।