फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़नी नपं अध्यक्ष पर निर्वाचित सभासदों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
बढ़नी नपं अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
विज्ञापन

मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र की प्रति वायरल की गई
सभी सभासदों का अध्यक्ष से भरोसा उठना क्षेत्र में चर्चा का विषय
अमर उजाला ब्यूरो
बढ़नी। नगर पंचायत बढ़नी के सभी 11 निर्वाचित सभासदों ने अध्यक्ष निसार बागी पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। सभासदों की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा गया शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया है।
विज्ञापन

नगर पंचायत के निर्वाचित सभासद, अजय कुमार, मो. आलम, श्यामदेव यादव, मो. अकबर, मीना देवी, संजय जायसवाल, राजकुमार अग्रहरि, खतीजा खातून, शांति देवी और रीता देवी के हस्ताक्षरयुक्त शिकायती पत्र में अध्यक्ष निसार बागी पर छह आरोप लगाए गए हैं। उन पर नगर के टेंडर मनमाने तरीके से अपने चहेते ठेकेदार को देकर उसे लाभ पहुंचाने, खरीद फरोख्त व गाड़ियों के रिपेरिंग मे गुणवत्ता की अनदेखी करने, डस्टबिन, झोला कीटनाशक दवा आदि की खरीद में व्यापक भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। इसके अलावा वार्ड चार रामलीला मैदान में हुए कार्यों का भुगतान बिना भौतिक सत्यापन के ही करवाने, सरकारी कर्मचारियों से अपना व्यक्तिगत कार्य करवाने, बिना आवश्यकता के नगर में लाखों की लाइट का टेंडर अपने चहेते ठेकेदार को देने और सामान की गुणवत्ता परखे बिना ही भुगतान करने का आरोप लगाया। सभासदों ने निर्माण संबंधी अनियमितताओं की जांच पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से कराने की मांग की है। नगर पंचायत बोर्ड के सभी 11 सभासदों का अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता का लिखित आरोप लगाना बोर्ड से विश्वास उठ जाना बताया जा रहा है। ईओ बढ़नी राजन कुमार गुप्ता ने कहा सभासदों का शिकायती पत्र अध्यक्ष उनके संज्ञान में है, आपसी बातचीत करके सभासदों की नाराजगी दूर की जाएगी। वित्तीय अनियमितता के आरोप गलत हैं क्योंकि सभी विकास कार्य बोर्ड की बैठक में पास होने के बाद ही करवाए जाते हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष निसार बागी के दोनों फोन नंबर नॉट रीचेबल बताते रहे हैं, आवास पर बताया गया कि वह बाहर गए हुए हैं। निसार बागी का पक्ष मिलने पर ‘अमर उजाला’ उसे प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें