कोटे की दुकान में स्वयं सहायता समूह को मिलेगी वरीयता
रिक्त दुकानों के आवंटन प्रक्रिया में कार्यरत समूह होंगे शामिल
प्रमुख सचिव ने डीएम एवं डीएसओ को पत्र भेज दिया निर्देश
परमात्मा शुक्ल
सिद्धार्थनगर। रिक्त चल रही कोटे की दुकानों के आवंटन में अब स्वयं सहायता समूह को वरीयता दी जाएगी। कोटा आवंटन में अब ग्राम्य विकास विभाग के तहत सक्रिय स्वयं सहायता समूह शामिल किए जाएंगे। शासन की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह निर्देश प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद अनुभाग वीना कुमारी ने सात जुलाई 2020 को डीएम एवं डीएसओ को पत्र भेजकर दिया है। पत्र के अनुसार ग्राम्य विकास विभाग के तहत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों को उचित दर दुकानों की आवंटन प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। दुकान संचालन के लिए सदस्य का नामांकन समूह द्वारा किया जाएगा। दुकान से होने वाली आय सभी सदस्यों में वितरित की जाएगी। आरक्षण की स्थिति में समूह में 50 प्रतिशत से अधिक सदस्य जिस वर्ग के होंगे, उस समूह की गणना उसी वर्ग से की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार रिक्त चल रहे 45 कोटे की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को वरीयता दी जाएगी।
अधिक सदस्य वाले समूहों को प्राथमिकता
कोटे की दुकान के चयन प्रक्रिया में अगर एक से अधिक स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया है, तो जिसके सदस्यों की संख्या अधिक होगी और जिसकी आय अधिक होगी उसको प्राथमिकता दी जाएगी। इसके संचालन का संपूर्ण दायित्व उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा।