बांसी। सावन का महीना एक उम्मीद लेकर आता है। सावन महीने के साथ ही बड़े-बड़े तीज-त्योहार का आगाज हो जाता है। सावन के तीन सोमवार बीत जाने के बाद मंगलवार को नाग पंचमी का पर्व मनाया गया । सनातन धर्म में नाग देवता को धरती का रक्षक कहा गया है। उन्हें ऊर्जा के रूप में पूजा भी जाता है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन जो लोग सच्चे मन से नाग देवता को याद करके पूजा करेंगे, उनके जीवन में खुशहाली हमेशा बनी रहेगी। ऐसी मान्यता है कि कि आज के दिन भगवान शिव के साथ-साथ नाग देवता की पूजा की जाती है।
नाग पंचमी के अवसर पर नगर में राप्ती नदी पुल, रानीगंज बाजार व शीतल गंज पोखरे पर स्थिति ठाकुर राम जानकी मन्दिर पर मेले का आयोजन किया गया ।यह बच्चों के मनोरंजन के झूले ,तरह तरह के खिलौनों, गुब्बारों व मिठाई की दुकान सजी थी । संवाद
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बच्चों ने मनाया गुड़िया पीटकर मनाया पर्व
शाहपुर। डुमरियागंज में सावन मास की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के साथ-साथ क्षेत्र में एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जिसमें कपड़े की गुड़िया बनाकर उसकी प्रतीकात्मक पिटाई की जाती है। डुमरियागंज नगर की गलियों और चौराहों पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। छोटे-छोटे बच्चे गुड़िया बनाकर उन्हें सड़कों पर रखकर डंडों से पीटते हुए दिखे बच्चों का यह सिलसिला देर सायं तक चलता रहा। संवाद