संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भाई के शरीर के कई टुकड़े पड़े थे, जिसे देखकर कलेजा फट गया। जिसे गोद में लेकर घूमा था, उसके टुकड़े देखने के बाद दिल बैठा सा गया। यह बताते हुए लोटन कोतवाली क्षेत्र के भिटपरा गांव के टोला बरगदवा निवासी मृतक अनिल के भाई अमित का गला रूंध गया।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश शव लेने के लिए अमित ही गए थे। मौत से पहले अनिल ने जान का खतरा होना बताया और रात तकरीबन 11:00 बजे ट्रेन से कटकर मौत की सूचना ने हिला कर रख दिया। मृतक के भाई ने बताया कि स्थानीय पुलिस ट्रेन हादसा बता रही है। वह कार्रवाई से इन्कार कर रही है। वहीं, मौत के बाद पत्नी रोते- रोते बेहोश हो जा रही है। परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लोटन कोतवाली क्षेत्र के भिटपरा गांव के टोला बरगदवा निवासी अनिल कुमार पुत्र शंकर ग्राम तीन माह पूर्व मुंबई कमाने गया था। परिवार के मुताबिक वह अंत्योदय ट्रेन से रविवार को घर आ रहा था, रास्ते से उसने रविवार की दोपहर घर एक फोटो भेजा कि यह लोग मुझे मार रहे हैं, और हत्या करने की धमकी दे रहे हैं। रविवार की रात करीब 11:00 बजे पुलिस का फोन आया कि उसकी लाश मिली है।
पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के तामगढ़ थाना क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर टुकड़ों में लाश मिली है। मौत की खबर मिलने के बाद परिवार सदमे में आ गया। मुंबई में रह रहे बड़े भाई अमित शव लेने के लिए मध्य प्रदेश गए और मंगलवार को शव लेकर पहुंच गए। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया। बड़े भाई अमित जानकारी देते हुए फफक पड़े। उन्होंने बताया कि हम बयान नहीं कर सकते कि हालात क्या थे। शव कई टुकड़े में था। कहीं हाथ तो कहीं पैर का हिस्सा मिला। सिर और कमर का हिस्सा नहीं मिला, जिसे देखने के बाद दिल बैठ सा गया।
जो कंधे पर घूमा था, उसे इस प्रकार देखने के बाद लगा कि पहाड़ टूट पड़ा है। हम लोग मुंबई में रहकर काम करते थे। अमित ने बताया कि पुलिस को शिकायती पत्र दे रहा था, लेकिन कार्रवाई से मना कर दिया। बताया कि यह ट्रेन हादसा है। शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले आए। कार्रवाई के लिए फिर जाएंगे। क्योंकि सुबूत के तौर पर पुलिस ने कपड़े, चप्पल आदि को रखा है।