नवोन्मेष साहित्यक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थान की ओर से मंगलवार की रात गौरा बाजार में गौरा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रोता रात भर कविता, शायरी पर झूमते रहे। स्थानीय व दूर-दराज से आए रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका दिल जीता।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष जमील सिद्दीकी रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों ने नृत्य व लोकगीत से की। गायक अनिरुद्ध मौर्या व संजय गुप्ता ने सहयोगी कलाकारों के साथ प्रस्तुति कर लोगों का मन मोहा।
बुद्ध रत्न के रूप में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी पर कृष्ण पांडेय को सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में सुभेंद्र सत्यदेव, सांस्कृतिक क्षेत्र में अनिरुद्ध मौर्या, साहित्यिक क्षेत्र में नजीर मलिक को सम्मानित किया गया।
इसके बाद शुरू हुए कवि सम्मेलन में कवि डॉ.जावेद कलाम ने हम सितारों को आसमां से तोड़ सकते हैं, देख के वक्त रूख तूफान का मोड़ सकतें है... से वाहवाही बटोरी। अब्दुल रहीम ने मुत्तहिद होकर करें आओ वतन को साजगार..., शुम्बुक हासमी ने एक बहती मेरी कौम आ जाती ऐ शुंबल..., महराजगंज से आए शायर रफी नोमानी ने देश बेरहमी से चरते हैं सियासी भैंसे... रामपुर से आई खुशबू रामपुरी ने मां हूं मेरे बच्चों मुझे बोझ मत समझो, आओ मेरे कदमों में जन्नत बना दूंगी... की पंक्तियों से महफिल लूट ली।
कार्यक्रम में मोबीन हमदम शिवानी, मोहम्मद वारिस, मंजर अब्बास रिजवी, अशफाक इब्राहिम नूर, डॉ. फजलुर रहमान, डॉ. नौशाद आजमी, नियाज कपिलवस्तुवी, शादाब शब्बीरी ने भी रचनाएं पेश की। इस दौरान वरिष्ठ कवि राकेश ऋषभ की लिखी हुई पुस्तक लोक और तंत्र का विमोचन किया गया।
उन्हें साहित्य श्रेणी सम्मान से भी नवाजा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुराग त्रिपाठी व संचालन अमित दुबे ने किया। कार्यक्रम में नितेश मिश्रा का विशेष योगदान रहा। इस दौरान रोहित गुप्ता, सत्यनरायन मौर्य, आमिर, रबिंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।