- बांसी कोतवाली क्षेत्र में अलग- अलग घटनाओं में बिजली गिरने से हुई थी तीन की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। आकाशीय बिजली की चपेट में आए क्षेत्र के तीन युवाओं में दो को गांव के कब्रगाह में सुपुर्द ए खाक किया गया तो वहीं एक को राप्ती नदी तट पर पंचतत्व में विलीन किया गया।
क्षेत्र के बाजारडीह, उड़वलिया और सरैनिया गांव सहित आसपास के क्षेत्र के लोग आज भी शोकाकुल है। गांव के सभी मोहल्लों में लोग इन होनहार युवाओं को यादकर उनकी चर्चा कर रहे हैं। बतातें चले कि कोतवाली क्षेत्र के तीन अलग-अलग स्थानों पर शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप से झुलस गया था। जिसका इलाज मेडिकल कालेज सिद्धार्थनगर में चल रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के गोहर गांव से खुटहना जाने वाली सड़क पर दिन में तीन बजे शाह जमाल मालिक निवासी मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल की घटना स्थल पर मौत हो गई। वह गांव गांव फेरी कर बर्तन आदि बदलने का काम करता था। इसके साथियों ने बताया कि यह दो बच्चों का पिता था और दो दिन पूर्व घर से आया था। क्षेत्र के समोगरा गांव के पश्चिम आकाशीय बिजली गिरने से सरैनिया गांव निवासी कल्लू उर्फ रिजवान 33 के पिता अनवर अली ने बताया कि इसका विवाह कई वर्ष पूर्व हुआ था, चार बच्चे हुए परंतु सभी अल्लाह को प्यारे हो गए, इनकी पत्नी नाजमा है । यह मुंबई में निजी कंपनी में नौकरी करते थे। यह भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए एक माह पूर्व में मुंबई से आए थे और दो दिन बाद जाने की तैयारी थी। बाजारडीह निवासी सतीश यादव उर्फ लल्ला इनकी भी मौत समोगरा गांव के पश्चिमी सिवान में बिजली गिरने से हुई है। वह अविवाहित था और घर पर रहकर खेती किसानी करता था। इनसे छोटा एक भाई सुजीत कुमार यादव है और दो बहन है जिसमें एक का विवाह हो चुका है तथा एक अविवाहित हैं। बाजारडीह गांव में आकाशीय बिजली गिरने से उड़वलिया गांव निवासी इरशाद की मौके पर मौत हो गई। इनका रविवार को विवाह था, यह दो भाई में छोटे थे और दो बहनें है जिसमें एक का विवाह हो चुका है तथा दूसरी छोटी है। मृतक की मां केशर जहां का आज भी रो रोकर बुरा हाल है वह अपने बेटे को याद कर बेहोश हो जा रही है। इस आकाशीय की घटना से पूरे क्षेत्र के लोग गमगीन हैं।