सिद्धार्थनगर जिले में ढेबरूआ थाना क्षेत्र के एक गांव में ननद व भाभी से छेड़खानी और विरोध पर हुई मारपीट के मामले पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप लगा है। मंगलवार को पीड़ितों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची गांव की महिलाओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने छेड़खानी के आरोपियों के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि उनके परिजनों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उत्पीड़न किया जा रहा है।
ढेबरूआ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि 14 जून को गांव के दो लोग नशे की हालत में उनके घर में घुसकर छेड़खानी करते हुए दुष्कर्म का प्रयास करने लगे। विरोध करने पर उसे व उसके पति को मारपीट कर घायल कर दिया। गांव के लोगों के बीच-बचाव के बाद लौट गए।
इसके बाद उसी दिन देर शाम उनके समेत छह लोग नशे की हालत में पीड़िता के घर पहुंच उसकी ननद से छेड़खानी करने लगे। विरोध करने पर विपक्षियों ने पीड़ितों के साथ ही परिजनों को भी मारपीट कर घायल कर दिया। मामले में दोनों पीड़ितों की तरफ से ढेबरूआ पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि दूसरे पक्ष की तहरीर पर पीड़ितों के छह परिजनों के विरुद्ध केस दर्जकर उत्पीड़न किया जा रहा है।
न्याय नहीं मिला तो करेंगे आत्मदाह
महिलाओं का आरोप है कि स्थानीय पुलिस विपक्षियों पर कार्रवाई करने से कतरा रही है, जबकि विपक्षियों ने पीड़ितों को जान से मारने की भी धमकी दी है। उन्होंने एसपी से विपक्षियों पर केस दर्जकर कार्रवाई करने की मांग की है। एसपी अमित कुमार आनंद ने महिलाओं के शिकायती पत्र की सीओ शोहरतगढ़ को जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि अगर उन्हें दो दिन में न्याय नहीं मिला और विपक्षियों पर केस दर्ज कर कार्रवाई नहीं हुई तो वे दो दिन बाद कलक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह करेंगी। उनका आरोप है कि उनके साथ छेड़खानी और विरोध करने पर मारपीट की घटना के बाद भी उनके ही छह परिजनों पर गंभीर धाराओं के केस दर्ज कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित परिजनों पर बलवा, जान से मारने की धमकी व आपराधिक मानव वध करने के प्रयास में केस दर्ज किया है।