चिल्हिया क्षेत्र के पल्टादेवी देवी मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद
शोहरतगढ़। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की। मां को लाल और पीले रंग के वस्त्र, कुमकुम, पुष्प और अक्षत समर्पित कर पीले और लाल रंग के फूल अर्पित किया इसके अलावा लौंग, इलायची, पंचमेवा और केसर दूध से बनी खीर भोग लगाकर दीपक और धूप जलाकर लोक मंगल की कामना किया।
पल्टादेवी, कठेला समय माता, भिरंडा समय माता, नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था देखते बन रही थी। सुबह से देवी मंदिरों में घंटा, घड़ियाल, शंख व मां के भक्तिगीतों की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंजायमान रहा। पं. राम भेज मिश्र ने कहा कि मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा माता रानी का यह रूप शांति, साहस और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा बाघ पर सवार होती हैं जिनका तेजस्वी रूप भक्तों को निर्भय बनाता है मां का सौम्य स्वरूप शांति और सुख प्रदान करता है। इनकी उपासना करने से भय दूर होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। साथ ही कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति भी सुदृढ़ होती है।