पिछले दिनों आई तेज आंधी-तूफान के बाद से ही क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। बर्डपुर, लोटन, उसका क्षेत्र के दर्जनों गांवों में अब तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। कटौती का दंश झेल रहे इन गांवों में अब मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए भटकना पड़ रहा है। नजदीकी कस्बा-बाजारों में जनरेटर, इंवर्टर की दुकानों पर मोबाइल चार्ज कराने के लिए भीड़ उमड़ रही है। दस रुपये देकर उपभोक्ता फोन चार्ज कराने को मजबूर हैं।
आंधी-तूफान में क्षेत्र के कई दर्जन पोल टूट गए हैं। विद्युत तार ध्वस्त हो गए हैं। विभागीय कर्मचारी इसे दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। चार दिन बीतने के बाद भी सोहांस क्षेत्र के दर्जनों गांवों में आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में पेयजल के साथ सबसे बड़ी परेशानी मोबाइल फोन चार्ज करने की भी है।
संचार के युग में हर हाथ में मोबाइल हो चुका है। चंद मिनटों में लोग घर बैठे-बिठाए देश-दुनिया के किसी भी कोने में परिचितों से संपर्क साध सकते हैं। मगर बिजली कटौती के चलते मोबाइल फोन शोपीस बन गए हैं।
मोबाइल फोन चालू रखने के लिए उन्हें यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। सोहांस बाजार, गनेरा, महदेवा बाजार, उंचहरिया सहित अन्य कस्बों में जनरेटर, इंवर्टर वाले प्रतिष्ठानों की शरण ले रहे हैं। वहां उनसे मोबाइल फोन चार्ज करने के एवज में प्रति फोन 10 रुपये तक लिया जा रहा है।
उपभोक्ता रफी अहमद, अब्दुल्ला, प्रकाश चौहान, नागेंद्र प्रसाद, कुसुम, परमशीला, मन्नी, कुंती, बरकत, रहमू, न्नहे कुम्हार, राम प्रसाद, झीनक, मंते, लवकुश, बरकथ अली, शमसेर अहमद, नईम अहमद, फरजाना, दुर्बल प्रसाद, आधा चौहान आदि का कहना है कि अगर इन चौराहों पर जनरेटर और इंवर्टर की दुकान न हो तो हम लोगो को बड़ी परेशानी होती। विद्युत आपूर्ति में अभी कितना समय लगेगा, कोई भरोसा नहीं।
छोरियाकाछा उपकेंद्र के जेई लालजीराम त्रिपाठी ने बताया कि आंधी-तूफान से क्षेत्र में जगह-जगह विद्युत पोल और तार ध्वस्त हुए हैं, जिसे दुरुस्त करने का काम जोर-शोर से चल रहा है। ज्यादातर काम पूरा हो गया है। कुछ स्थानों पर ही शेष है। उम्मीद है कि बुधवार तक आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।