फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आशियाने की तलाश में भटक रहा परिवार

Tue, 31 May 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
आंधी-बारिश ने फसलों पर ढाया कहर
विज्ञापन
शुक्रवार शाम को आए आंधी तूफान में गरीब हरिश्चन्द्र की झोपड़ी फिर उजड़ गई। नतीजा सात परिवार लिए वह घंटों बारिश में भीगता रहा। देर रात में अपनी झोपड़ी किसी तरह खड़ी की तो रात दो बजे तेज बारिश ने पुन: उसके बच्चों को कंपकपा दिया।
विज्ञापन

साथ ही झोपड़ी फिर से टपकने लगी। बढ़नी ब्लॉक के ग्राम खैरा निवासी मजदूर हरिश्चन्द्र की झोपड़ी चार सालों से उजड़ती चली आ रही है। पक्का मकान न होने के नाते बरसात के मौसम में अक्सर उसकी झोपड़ी में पानी भर जाता है। पिछले बीस साल में गांव में कई बड़े बदलाव हो गए।
खपरैल के मकान वालों ने सरकारी आवास का लाभ ले लिया। कई पक्के मकान वालों ने भी सरकार का माल आवास के नाम पर हड़प लिया, लेकिन हरिश्चन्द्र की झोपड़ी हर साल बनती और उजड़ती रही। हरिश्चंद्र की मानें तो उसकी गरीबी ही इसकी वजह है। उसके पास केवल पति-पत्नी का वोट है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें