लेखपाल ने पुलिस पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
महुआर गांव के पास चेकिंग के दौरान विवाद का है मामला
लेखपाल ने एसडीएम को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। इटवा तहसील में तैनात लेखपाल ने ने डुमरियागंज थाना में तैनात पुलिस कर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि चेकिंग ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। इस मामले में एसडीएम इटवा और एसओ डुमरियागंज को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम इटवा को दिए गए शिकायती पत्र में लेखपाल रतन कुमार ने अवगत कराया है कि सोमवार को बीमार मां को दवा देने बरिडीहा थाना सोनहा भाई के साथ चार पहिया वाहन से जा रहे थे। अभी वह महुआरा पहुंचे थे कि वहां मौजूद एक एसआई और पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को डुमरियागंज में लेखपाल पद पर तैनात होने की जानकारी दी, परिचय पत्र दिखाया। आरोप है कि इस पर भी पुलिसकर्मियों ने उनसे दुर्व्यवहार किया, विरोध करने पर मोबाइल छीनकर पटक दिया। पुलिसकर्मियों पर जातिसूचक अपशब्द बोलने का भी आरोप लगाया। एक सिपाही पर थाने में मां से एक हजार रुपये सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष डुमरियागंज केडी सिंह ने आरोपों को गलत करा देते हुए बताया कि लेखपाल बगैर अधिकारियों की अनुमति के अपने कार्यस्थल से कहीं और जा रहे थे। महुआरा में तैनात पुलिस कर्मियों ने इन्हें रोका तो यह गाड़ी की स्पीड बढ़ाकर पुलिस कर्मियों को कुचलकर भागना चाहे। मगर पुलिसकर्मियों किसी तरह रोका। मगर इनके परिचय देने व अपने किये पर माफी मांगने पर एसडीएम इटवा को जानकारी देकर जाने दिया गया।
लेखपाल के उत्पीड़न की जांच करेंगे एसडीएम और सीओ
सिद्धार्थनगर। लॉकडाउन में पास होने के बाद भी एक लेखपाल को पुलिस कर्मियों पर अभद्रता और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामला डुमरियागंज-सिद्धार्थनगर मार्ग का है। लेखपाल संघ की शिकायत पर जिलाधिकारी ने एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी को जांच सौंपी है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला मंत्री रामसमुझ ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में अवगत कराया है कि बीते 12 अप्रैल को दोपहर में इटवा तहसील में कार्यरत लेखपाल रतन कुमार गौतम अपनी वृद्ध मां की दवा लेने जा रहे थे। इस बीच डुमरियागंज-सिद्धार्थनगर मार्ग पर कर्मचारी पास दिखाने के बाद भी वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उनको वाहन से उतारकर पीटा। दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ को जांच सौंपी है। रिपोर्ट अविलंब सौंपने के निर्देश दिए हैं।