जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर गरीबदास का निर्विरोध निर्वाचन पक्का होने के साथ मिनी सदन के संग्राम पर विराम लग गया है। जिले की पहली कुर्सी कब्जाने के बाद शासन-सत्ता की निगाहें अब ब्लाक प्रमुख पद पर जम गई हैं।
ज्यादा से ज्यादा सीटों पर समर्थकों को बिठाने के लिए पार्टी नेताओं ने खेमेबंदी तेज कर दी है। इसके लिए पैसा और पॉवर का खुला इस्तेमाल हो रहा है। रार और तकरार उन ब्लाकों में अधिक है, जहां प्रमुख पद अनारक्षित श्रेणी में है। इन पदों पर दिग्गजों के करीबी भाग्य आजमाने की तैयारी में हैं।
जिले के 14 ब्लाकों में बढ़नी और बर्डपुर ब्लाक अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। बढ़नी की प्रमुख इस वर्ग की कोई महिला बनेगी। शेष 12 में से लोटन ब्लाक पिछड़ा वर्ग की महिला और बांसी, खुनियांव पिछड़ा वर्ग के हिस्से में है। पद आरक्षित होने के कारण यहां दावेदारों की संख्या सीमित है। संबंधित वर्ग के चुनिंदा प्रतिनिधि ही क्षेत्र पंचायत में पहुंचे हैं। कुर्सी के लिए असली जंग शेष नौ ब्लाकों में है।
मिठवल, जोगिया और भनवापुर में कोई भी महिला चुनाव लड़ सकेगी। नौगढ़, उसका बाजार, शोहरतगढ़, खेसरहा, डुमरियागंज और इटवा ब्लाक में प्रमुख का पद अनारक्षित श्रेणी का है। इटवा ब्लाक प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय का गृह क्षेत्र है। लिहाजा इस पद पर वह अपने खास को बैठाने को उत्सुक हैं।
पैतृक गांव पिरैला से पत्नी सूर्यमती पांडेय को निर्विरोध बीडीसी बनाकर मंसूबे जाहिर भी कर दिए हैं। शोहरतगढ़ में विधायक लालमुन्नी सिंह की पुत्रवधु नीलिमा सिंह महमूदवा ग्रांट से निर्विरोध चुनी गई है। अपने ब्लाक में प्रमुख पद पर उनका दावा मजबूत है।
डुमरियागंज में विधायक मलिक कमाल यूसुफ अपने परिवार के सदस्य को प्रमुख बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं तो सत्ताधारी दल भी यहां जोर-आजमाइश में पीछे नहीं है। बांसी की पिछड़ा वर्ग महिला सीट पर पूर्व विधायक लालजी यादव अपनी पत्नी नीलम यादव को उतारने का मन बना चुके हैं।
जिला मुख्यालय की सीट होने के कारण नौगढ़ ब्लाक पर भी पार्टी अपना कब्जा जमाने को आतुर है। जिला पंचायत की तरह ही पार्टी किसी भी हाल में ज्यादा से ज्यादा ब्लाकों में साइकिल दौड़ाने को उतावली नजर आ रही है तो वहीं विपक्षी खेमा जिला पंचायत का बदला ब्लाकों में वसूलने के लिए रणनीति बना रहा है। जिला पंचायत का चुनाव निपटने के बाद अब सबकी निगाहें ब्लाकों के संग्राम पर टिक गई हैं। लोगों को बेसब्री से अधिसूचना जारी होने का इंतजार है।