संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। ओमान के मतरा पोर्ट के पास सोमवार को अमेरिका के तेलवाहक जहाज पर ईरान की मिसाइल गिरने की घटना ने कई लोगों को दहशत में डाल दिया। इटवा के पहाड़ापुर निवासी मैनुद्दीन, सलाहुद्दीन और इब्राहिम का कहना है कि स्थानीय स्तर पर फिलहाल सब कुछ सामान्य है और वहां कोई भय या असामान्य स्थिति नहीं है।
मैनुद्दीन ने संवाद न्यूज एजेंसी को फोन पर बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से ओमान में दुक्कम एयरपोर्ट के पास मैकेनिक का काम कर रहे हैं। मैकेनिक के काम के लिए उन्हें अक्सर पोर्ट (बंदरगाह) पर जाना पड़ता है। सोमवार को भी वे सुइक पोर्ट पर मैकेनिक कार्य पूरा करके लौट रहे थे, तभी मतरा पोर्ट से थोड़ी दूरी पर यह घटना घटी।
जहाज पर मिसाइल गिरते ही सड़क पर भगदड़ मच गई और जहाज धू-धू कर जलने लगा, मैनुद्दीन ने कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान का निशाना फिलहाल केवल अमेरिकी बेस और उनके लोग हैं। ओमान या किसी अन्य देश पर हमला नहीं हुआ है।
सलाहुद्दीन ने बताया कि बंदरगाह पर सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सक्रिय हो गई थी और स्थानीय प्रशासन ने लोग सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इब्राहिम का कहना था, हमने घटना को पास से देखा, लेकिन डरने की कोई बात नहीं है। मिसाइल सीधे जहाज पर लगी और सड़क पर रहने वाले या अन्य नागरिकों पर कोई असर नहीं हुआ।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम स्थानीय जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल ओमान में आम जीवन सामान्य रूप से चल रहा है। कई भारतीय प्रवासी मजदूर और व्यवसायी नियमित कामकाज में व्यस्त हैं। स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि कोई बड़ा खतरा नहीं है। मैनुद्दीन ने कहा, हम अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक कदमों के कारण फिलहाल डरने की जरूरत नहीं है।
इस घटना ने यह दिखा दिया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और मिसाइल हमले भले ही दुनिया के लिए गंभीर हों, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों का अनुभव और सुरक्षा उपाय जीवन को सामान्य बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।