एसबीएम मशीन से शुरू होगी बिजली बिल जमा करने की व्यवस्था, लाइन लगाने से मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बिजली के उपभोक्ताओं को जल्द ही लाइन लगाकर बिजली जमा करने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। अब मीटर रीडिंग होने के तुरंत बाद रीडर को ही बिजली के बिल का भुगतान उपभोक्ता कर सकते हैं। इससे लोगों को लाइन लगाकर बिजली का बिल नहीं जमा करना पड़ेगा।
बिजली निगम ने राजस्व को बढ़ाने के लिए एसबीएम मशीन से मीटर रीडर के पास ही बकाया बिल जमा करने के लिए पहल की है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने के लिए निगम के काउंटर पर लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।
जिले में लगभग 3.95 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं तक सुचारु रूप से बिजली पहुंचाने के लिए तीन डिवीजन बनाए गए हैं। इन सभी डिवीजनों के उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल उपलब्ध कराने के लिए एक निजी कंपनी की ओर से 298 मीटर रीडर रखे गए हैं।
शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों को छोड़ दिया जाए तो गांवों में कभी-कभार ही लोगों को बिजली का बिल उपलब्ध कराया जाता था। इसके कारण उपभोक्ता समय से बिल जमा नहीं कर पाते थे। अब बिजली बिल जेनरेट करने वाली एसबीएम मशीन में बिल जमा करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। मीटर रीडर लाइनमैनों के साथ उपभोक्ताओं के घर जाएंगे। उनका बिल निकालेंगे और अपनी एसबीएम मशीन से जमा भी करेंगे।
जमा की रसीद उपभोक्ताओं को तुरंत दे देंगे। इससे उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में सहूलियत मिल जाएगी। फिलहाल, निगम ने ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा मुहैया कराई है। उसमें रसीद लेने में दिक्कत होती है। लिहाजा, लोग काउंटर पर लाइन लगाकर बिल जमा करते हैं।
वर्जन
मीटर रीडर बिजली बिल जमा करेंगे तो उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में आसानी होगी। उपभेक्ताओं के समय की बचत होगी और निगम का राजस्व बढ़ेगा। सभी मीटर रोडरों को निर्देश दे दिए गए हैं। कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-एसके पासवान, अधीक्षण अभियंता