दोपहर के बाद छाया रहता है सड़कों व बाजार में सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में शनिवार को भी गर्मी के तेवर से लोग परेशान दिखे। दिन में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते आने वाले दो से तीन दिनों में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।
सुबह नौ बजते ही धूप दिन चढ़ने के साथ गर्म होती गई। जिससे लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं दोपहर के समय बच्चे भी अपने घरों में दुबके रहते हैं। गर्मी के कारण दोपहर के बाद सड़कों व मार्केट में सन्नाटा छाया रहा। गर्मी कूलर और पंखें भी गर्मी से राहत नहीं दिला पा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते आने वाले दो से तीन दिनों में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है, लेकिन बारिश के बाद एक बार फिर कड़ी धूप और तेज गर्मी होगी। बारिश इस बार देर से शुरू होगी। जून माह में गर्मी अपने चरम पर होगी। शनिवार को अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री व न्यूनतम तापमान 30.9 डिग्री दर्ज की गई है।
गर्मी ने जनजीवन पर डाला प्रतिकूल प्रभाव
सिद्धार्थनगर। जून माह के पहले दिन ही चल रही लू व तेज गर्मी ने आम जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। शरीर को झुलसा देने वाली धूप से बचने के लिए लोग हर कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही गर्म हवाओं के थपेड़े भी चले। सुबह से ही शहर के मुख्य चौराहे सहित अन्य स्थानों के बाजारों में लोग कम ही नजर आये। दोपहर होते-होते बाजारों में सन्नाटा पसरा गया। आमजन का कहना है कि गर्म हवा शरीर में चुभने लगी है। इससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
-
पंखे, कूलर भी गर्मी से बचाव में नाकाफी साबित
सिद्धार्थनगर। पंखे, कूलर भी गर्मी से बचाव में नाकाफी साबित हो रहे हैं। धूप में निकलने की बजाए दुकानों और घरों में रहना सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जून माह की शुरुआत में ही गर्मी अपने पूरे चरम पर है। पारा 42 डिग्री से ऊपर भी पहुंच चुका है। दो दिन से तापमान लगातार घट-बढ़ रहा है। इस तरह लगातार पड़ रही गर्मी से लोग परेशान हैं। दोपहिया हो या अन्य खुले वाहन पर सवार लोग, यात्रा के दौरान शरीर पर गर्म हवाएं चुभती है। गर्मी की वजह से शीतल पेय की खपत बढ़ गयी है। लोग जगह-जगह पर ठंडे पानी व गन्ने का रस पीते हुए नजर आ रहे है।
हीट वेव के कारण बढ़ रहीं बीमारियां
सिद्धार्थनगर। फील्ड वर्क करने वालों, मजदूरों, रिक्शा चालकों पर कड़ी धूप भारी पड़ रही है। गर्मी से बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों में हीट वेव के चलते डायरिया, मलेरिया, बुखार और पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं। डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि मौसम के तेवरों के अनुसार लोगों को बच कर रहना चाहिए।