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मेडिकल कॉलेज में मिलेगी सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा

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मेडिकल कॉलेज में मिलेगी सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा
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सिद्धार्थनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है। चिकित्सकों और पैरामेडिकल के रिक्त पद पर तैनाती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस बीच 30 जुलाई को प्रधानमंत्री की ओर से उद्घाटन किए जाने का भी कार्यक्रम लगभग तय माना जा रहा है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा भी मिलनी शुरू हो जाएगी। एमबीबीएस की सौ सीटों पर प्रवेश का भी रास्ता साफ हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में अब तक 27 संकाय सदस्यों, 49 जूनियर और पांच सीनियर रेजीडेंट की तैनाती भी हो गई है। तीन सौ बेड के लिए अलग से भवन निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। इसके शुभारंभ होते ही मरीजों की भर्ती शुरू हो जाएगी। प्रवेश के लिए परीक्षा की औपचारिकता पूरी होने पर एमबीबीएस की दिसंबर तक पढ़ाई भी चालू हो जाएगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू है। इमरजेंसी और ओपीडी अपनी सेवाएं देने लगे हैं।
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लाइब्रेरी, लैब, हास्टल आदि भवन निर्माण का कार्य 95 फीसदी तक पूरा है, शेष कार्य पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। अब तक 10 विभागों में चिकित्सकों की नियुक्ति हो चुकी है। वहीं 15 रेजीडेंट चिकित्सक भी कार्यभार संभाल चुके हैं। लिहाजा न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी के इलाज की सुविधा आसानी से मिल जाएगी।
मान्यता के लिए कॉलेज प्रशासन ने अब इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए जो मानक निर्धारित हैं, उनके अनुसार इमरजेंसी सेवाओं का चालू होना अनिवार्य है। इसी सप्ताह एमसीआई की टीम सत्यापन के लिए भी आएगी।
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प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज संचालित करने से पहले एमसीआई टीम का स्थलीय निरीक्षण किया जाना है। टीम जल्द ही आएगी। इस बीच प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की पुष्टि के बाद निश्चय ही संचालन की दिशा में सफलता मिल जाएगी। इसके साथ ही सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा की उम्मीद बढ़ जाएगी।
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