भारतभारी। शिया मुसलमानों के पहले इमाम हजरत अली के शहादत दिवस पर शनिवार को हटवा स्थित इमाम बारगाह में मरसिया मजलिस हुई। इसमें जाकिर ने हजरत अली की शहादत का वाक्या बयान किया, जिसे सुनकर अकीदतमंद हाय अली की सदा बुलंद कर रो पड़े।
जाकिर जमाल हैदर रिजवी ने कहा कि हजरत अली उस वक्त इस्लाम की मदद के लिए आगे आए। जब इस्लाम का कोई भी हमदर्द नहीं था। उन्होंने इस्लाम को लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने हमेशा दुनिया को शांति और अमन का पैगाम दिया। इस्लाम इंसानियत का धर्म है और वह अहिंसा के पक्ष में है। जाकिर जमाल ने कहा कि हजरत अली रमजान की 19 तारीख की सुबह कूफे की मस्जिद में नमाज के दौरान अब्दुर्रहमान नाम के शख्स ने जहर बुझी तलवार से हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। 21 रमजान की सुबह उनकी शहादत हो गई। संवाद