सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार ने किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में साक्ष्यों के आधार पर एक अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसके ऊपर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी अभियुक्त अभियुक्त सुजीत कुमार गोंडा जनपद के खोड़ारे थाना क्षेत्र के इटवा खुर्द का रहने वाला है।
घटना भवानीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की है जो 31 जुलाई 2016 को घटित हुई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार, अवयस्क पीड़िता लड़की के पिता ने भवानीगंज पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए कहा कि 31 जुलाई 2016 को उसकी 14 वर्षीय लड़की को दिन में करीब दो बजे उमेश, निवासी ग्राम इटवा थाना खोडारे, गोंडा बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
वह अपनी लड़की को तलाश करता रहा तो पता चला कि उसकी लड़की को सुजीत कोहार, निवासी ग्राम इटवा, थाना खोड़ारे, गोंडा के साथ भेज दिया है। दोनों मिलकर वादी की लड़की को भगाए हैं और उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए निवेदन किया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की और लड़की को बरामद करते हुए अभियुक्त सुजीत को गिरफ्तार कर लिया।
विवेचना के बाद अवयस्क लड़की को बहला-फुसला कर अपहरण करने, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और दलित उत्पीड़न के अपराध में अभियुक्त सुजीत के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने सुनवाई कर अभियुक्त को अपराधों का दोषी करार देते हुए उसे सजा सुनाई है।
न्यायालय ने आदेशित किया कि प्रतिकर की धनराशि का 90 फीसदी पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।