50 करोड़ से संवरेगी सड़क और नालियां
अधूरी पड़ी सड़क एवं नालियों के निर्माण पूरे होंगे
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण ठप हुए कार्य अब होंगे शुरू
केंद्र एवं राज्य वित्त से गांव में ठप पड़े विकास कार्य को मिलेगी रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण जिले के 1136 ग्राम पंचायतों में ठप पड़े विकास कार्य अब शुरू होंगे। केंद्र एवं राज्य वित्त की पहले से आए 23 करोड़ रुपये की धनराशि एवं मार्च माह के अंत में आने वाले 27 करोड़ की धनराशि से गांवों में सड़क एवं नालियों का निर्माण अब रफ्तार पकड़ेगा। इससे कई गांवों में अधूरी पड़ी सड़क एवं नालियों का निर्माण पूरा हो सकेगा।
ग्राम पंचायतों में आबादी के अनुसार विकास कार्यों समेत अन्य जरूरी काम कराए जाने के लिए केंद्रीय वित्त (15वां वित्त) से प्रत्येक वर्ष के चार तिमाही पर बजट का आवंटन होता है। इसी तरह राज्य वित्त से भी ग्राम पंचायत की आबादी के अनुसार प्रत्येक माह धन आवंटन होता है। इसके अलावा मनरेगा आदि योजनाओं से भी गांवों में विकास कार्य कराए जाते हैं। विधानसभा चुनाव में आचार संहिता लगने के कारण सभी तरह के विकास कार्य बंद हो गए थे, साथ ही नए विकास कार्यों की योजना भी नहीं बन सकी थी। जिससे कई गांवों में सड़क एवं जलनिकासी के लिए बनने वाली नालियों का निर्माण अधूरा रह गया था। ग्राम प्रधान सुरेश, अवधराम और हरिप्रसाद का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण पंचायत चुनाव देर से हुए थे, इसके कुछ माह बाद ही विधानसभा चुनाव शुरू होने से आचार संहिता लग गई। जिससे पंचायत चुनाव के बाद नए गठित हुए ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को विकास कार्य कराने के लिए अब तक बहुत कम समय उपलब्ध हो पाया है। अब अधिसूचना समाप्त होने से विकास कार्यों को गति मिलेगी। सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि नियमानुसार आवंटित बजट से ग्राम पंचायतें सड़क, नाली आदि के निर्माण कार्य करा सकती हैं। ग्राम पंचायतों को विकास से संबंधी जरूरी कार्य की योजनाएं बनाने और उनके क्रियान्वयन का अधिकार है।