अधिवक्ताओं की बैठक को संबोधित करते बार काउंसिल ऑफ यूपी के सदस्य ।
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बार की गरिमा के खिलाफ कार्य करने वाले अधिवक्ताओं पर काउंसिल कार्रवाई करेगी। अधिवक्ताओं को चाहिए कि गरिमा को बरकरार रखें। इधर देखने में आया है कि अधिवक्ता वकालत से इतर अन्य कई कार्यों में लिप्त हो रहे हैं। बार कौंसिल की तरफ से बार एसोसिएशन को कानून की पुस्तकें दी जाए, इसके लिए सार्थक प्रयास किया जाएगा।
ये बातें बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य जानकी शरण पांडेय ने कही। वे गुरुवार को सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन सभागार में अधिवक्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बार कौंसिल अधिवक्ताओं के हित में कार्य करती है। अधिवक्ता के मृत्यु के बाद परिजनों को राहत धनराशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। अधिवक्ता के बीमारी पर भी काउंसिल इलाज के लिए भी धन देती है। इसके लिए बार एसोसिएशन को चाहिए कि समय से बार काउंसिल को सूचना दे।
अध्यक्ष सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि बार काउंसिल के सार्थक पहल से अधिवक्ताओं को राहत मिल रही है। अधिवक्ता आपे गौरव को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे है। इस दौरान संजीव श्रीवास्तव, प्रभाकर मिश्रा, दिवाकर दुबे, आलोक, सुमित, विजय कुमार सिंह, वीरेंद्र श्रीवास्तव, अजय चौरसिया, विनोद चतुर्वेदी, विनरत द्विवेदी, अजय पांडेय, भूपेंद्र सिंह बघेल, राजन सिंह, शिवपूजन पांडेय, रविंद्र पांडेय, अजयकांत मिश्रा आदि मौजूद रहे।