अब भी 46 प्रतिशत किशोर कोरोनारोधी टीकाकरण से वंचित
सिद्धार्थनगर। कोरोना की चौथी लहर की आशंका जताई जा रही है। कुछ शहरों में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन जिले में कोरोना से बचाव के लिए टीके की खुराक से 12 से 14 वर्ष की उम्र के 46 प्रतिशत बच्चे और किशोर वंचित हैं। इनके टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार टीका लगाने के लिए खुद को सक्रिय बता रहे हैं।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर की तबाही के बाद तीसरी लहर आते-आते उससे बचाव का टीका आ गया। तीसरी लहर आने से पहले 45 से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण हुआ। इसी बीच तीसरी लहर ने दस्तक दे दी। हालांकि तीसरी लहर से बहुत नुकसान नहीं पहुंचा। चिकित्सकों का कहना था कि टीकाकरण होने की वजह से कोरोना की तीसरी लहर में लोग ज्यादा प्रभावित नहीं हुए।
इसी बीच 18 से 45 वर्ष और फिर 15 से 17 वर्ष और उसके बाद 12-14 वर्ष के किशोरों का टीकाकरण शुरू हो गया। टीकाकरण चल ही रहा है। इसी बीच कोरोना की चौथी लहर की आशंका जताई जाने लगी। हालांकि जिले में एक भी संक्रमित मरीज नहीं है
12-14 वर्ष की आयु वाले 54 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण हो पाया है। ऐसे में कोरोना की चौथी लहर अगर आई तो 12-14 वर्ष के 46 प्रतिशत बच्चों की सुरक्षा पर सवाल है।
कोरोनारोधी टीकाकरण बेहद जरूरी है। कोरोना का संकट टला नहीं है। देश के कुछ हिस्सों मे ंएक बार फिर मरीजों की तादाद बढ़ रही है। ऐसे में जिन लोगों को टीका नहीं लगा है, वे लगवा लें। साथ ही 12-18 वर्ष की आयु के अगर आपके घर में बच्चे हैं तो उनका टीकाकरण अवश्य कराएं। इससे कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है।
- डॉ. सीबी चौधरी, फिजिशियन, जिला अस्पताल
कोरोनारोधी टीकाकरण नियमित चल रहा है। जिले में टीके की कोई कमी नहीं है। टीकाकरण शत प्रतिशत करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य टीम नियमित टीकाकरण कर रही है।
- डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, डिप्टी सीएमओ