सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पथरी, अपेंडिक्स की सर्जरी दूरबीन विधि से होगी। इंडोस्कोपी मशीन लगाए जाने की शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है। मशीन लगाने के लिए कागजी कार्रवाई चल रही है। जल्द ही मशीन लग जाएगी। इससे बिना चीरा और टांका लगाए सफल ऑपरेशन हो सकेगा।
जिला अस्पताल के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज मेंं तब्दील होने के बाद लखनऊ के लोहिया संस्थान सहित अन्य मेडिकल कॉलेज की तरह से सुविधाएं बढ़ाए जाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
अब पित्त की थैलीऔर अपेंडिक्स सहित पेट के अंदर के अन्य ऑपरेशन दूरबीन विधि से किए जाने की कवायद शुरू हो गई है। मशीन खरीद के लिए प्राचार्य की ओर से पत्राचार किया गया था। उस पर स्वीकृति मिल चुकी है। अब मशीन की खरीद संबंधित कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी वर्ष के अंत तक मशीन मिल जाएगी। यह सुविधा मिल जाने से जहां मरीजों को सहूलियत मिलेगी। वहीं जो चिकित्सक प्रतिदिन 8-10 मरीज का ऑपरेशन करते हैं। वह चिकित्सक 15-20 ऑपरेशन कर सकेंगे। क्योंकि चीरा और टांका लगाने का समय बच जाएगा। इसलिए ऑपरेशान की संख्या बढ़ जाएगी। अगर ऑपरेशन अधिक होने लगेगा तो मरीजों को लंबा डेट भी नहीं मिलेगा। उनका समय से ऑपरेशन हो सकेगा। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने वाली मशीन के संबंध में लिखापढ़ी किया गया था। शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है। अब आगे की कागजी कार्रवाई चल रही है।
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चीरा लगाकर करते हैं सर्जरी
मेडिकल काॅलेज के संयुक्त जिला अस्पताल में माड्यूलर ओटी बनाई गई है, जिसमें सभी प्रकार की सर्जरी चीरा लगाकर की जाती है। इंडोस्कोपी सर्जरी की सुविधा नहीं होने पर कुछ मरीज चीरा से सर्जरी कराते हैं तो सक्षम मरीज दूसरे शहरों में चले जाते हैं, क्योंकि बिना चीरा वाली सर्जरी में मरीज को जल्द ही अस्पताल से छुट़टी मिल जाती है और घांव नहीं बनता है।