सिद्धार्थनगर। अगर आपके पास छोटे बच्चे हैं तो उनकी सेहत पर विशेष ध्यान दें। बदलता हुआ मौसम उनके लिए घातक साबित हो रहा है। सुबह और शाम की ठंड बच्चों को सर्दी और बुखार से ग्रसित कर दे रहा है। जरा सी लापरवाही में सीने में जकड़न से भाप देने की नौबत आ जा रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सक छोटे बच्चों की विशेष ख्याल रखने और बीमार पड़ने पर चिकित्सक को दिखाकर इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं। मौसम का असर हर किसी को प्रभावित करता है। लेकिन बच्चों पर इसका असर कुछ अधिक ही पड़ रहा है। ठंड से से गर्म की स्थिति बन रही है।
सुबह औैर शाम ठंड और दिन में 10 बजते ही धूप के कारण लोग गर्म पकड़े पहनना कम कर दिए हैं। बच्चों को भी गर्म कपड़े नहीं पहना रहे हैं। इसका नतीजा है कि बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार के पीड़ित रोगी पहुंच रहे हैं।
बालरोग विशेषज्ञ के दो चिकित्सकों के पास प्रतिदिन ओपीडी में 250-300 बच्चे आ रहे हैं। इसमें 150 से अधिक बच्चे सर्दी, खांसी और बुखार के हैं। जो कई दिनों से पीड़ित हैं। वहीं एसएनसीयू की बात करेंं तो 15 बेड़ के वार्ड में 10 मरीज खांसी के साथ जुकाम वाले हैं। जिन्हें आवश्यकता के अनुसार नाक से भाप भी देना पड़ रहा है। वहीं, पीआईसीयू वार्ड में जन्म के बाद भर्ती होने वाले बच्चों में सर्दी के साथ जकड़ने की शिकायत आ रही है। 20 बेड़ के वार्ड में 10 बच्चे जुकाम के कारण जकड़न वाले हैं। एक बार भर्ती होने पर सात से आठ दिन तक इलाज चल रहा है।
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मौसम में एकाएक बदलाव हो रहा है। इसका असर सभी पर है, लेकिन बच्चों पर अधिक प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में जरूरी है कि छोटे बच्चों को घर से बाहर कम निकालें, गर्म कपड़े पहनाएं। बाहरी लोगों के संपर्क में कम रहे। क्योंकि यह एक प्रकार का वायरल है, जो एक से दूसरे में संपर्क में आने से हो रहा है। कई बार बच्चों के बीमार पड़ने पर चौराहे से दवा लाकर पिला देते हैं, जिससे और दिक्कत बढ़ रही है। सर्दी अधिक दिन से रही तो सीने में जकड़न और कई समस्या हो जा रही है। इसलिए बीमार होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं और उनकी सलाह से दवा लें।
-डॉ. फजल खान, बालरोग विशेषज्ञ, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज