बभनान (बस्ती)। बभनान चीनी मिल का पेराई सत्र चालू हुए करीब साढ़े तीन माह का समय पूरा होने वाला है। किसान अब भी पेड़ी गन्ना बेचने के लिए परेशान हैं। तेज धूप व पछुआ हवा के कारण तापमान में वृद्धि होने से पेड़ी गन्ना के सूखने की आशंका बढ़ गई है। किसान को चिंता सताने लगी है कि यदि पर्ची आने में ज्यादा समय लगा तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
गन्ना समित बभनान के सचिव उपेंद्र सिंह का कहना है कि जिनके खेतों में बेसिक कोटा से अधिक गन्ना खड़ा है, उसका सर्वे हो रहा है। पर्ची दसवें पक्ष से निर्गत करना शुरू कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को गन्ना समिति पर आए किसानों में सकदरपुर गांव के किसान रामपाल मिश्र ने बताया कि उनके पास मौजूदा पेराई सत्र में 10 बीघा में गन्ने की फसल थी। बेसिक कोटा कम होने के चलते इनका कोटा महज 13 ट्रिपल का ही बना है। जबकि रकबे के हिसाब से पर्ची नहीं मिल रही है। छह बीघा गन्ना खड़ा है। बेलहरी गांव के परदेशी उर्फ जंजाली ने बताया कि गन्ना सट्टा कल तीन गाड़ी का बना था जिसमें दो पर्ची मिल चुकी है। सिर्फ एक पर्ची ही बची हुई है। जबकि खेत में अभी गन्ना कई गाड़ी बचा हुआ है।
सेहरिया गांव के बनारसी ने बताया कि कुल 9 गाड़ी का कोटा बना था जिसमें अभी दो पर्ची मिली है ओवरलोड में तीन पर्ची काट ली गई है जबकि अभी भी पेड़ी व पौधा मिलकर 10 गाड़ी गन्ना खेत में खड़ा हुआ है।
यही हाल सांगवा गांव के राजाराम का है उन्होंने बताया कि पांच गाड़ी का कोटा बना था जिसमें से तीन मिल गई है कैलेंडर में अब एक भी पर्ची नहीं बची हुई है जब तक सर्वे की पर्ची नहीं मिलेगी तब तक उनके खेत में गन्ना खड़ा रहेगा। डेगरहा गांव के रामबाहाल यादव ने बताया कि कल 11 गाड़ी का कोटा बना था जिसमें दो पर्ची मात्रा मिली है 6 पर्ची ओवरलोड में काट दी गई है सत्ता पर 85 परसेंट बढ़ोतरी के लिए आवेदन किया गया है लेकिन अभी भी पर्ची नहीं मिली है ऐसे में खेत में गन्ना खड़ा है ।पर अभी तक एक भी पर्ची निर्गत नहीं हुई।
बभनान के सीडीआई उपेंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना सट्टा नीति के तहत ही पर्ची का निर्धारण किया जाता है ।फरवरी महीने में समिति द्वारा रीसर्वे कराया जाता है जिससे यदि किसानों के खेतों में बेसिक कोटा से अधिक गन्ना है तो उसकी पर्ची भी निर्गत हो सके ।मौजूदा समय में सर्वे का कार्य चालू है जिन किसानों के खेतों में बेसिक कोटा से अधिक गन्ना खड़ा है। वह किसान प्रार्थना पत्र देकर अपने गन्ना का सर्वे कर ले । जिससे उनके खड़े गन्ने की पर्ची निर्गत किया जा सके। रीसर्वे की पर्ची दसवें पक्ष से निर्गत की जाएगी।