सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मेस और हॉस्टल की फीस के मामले में शुरू हुई जांच से कई लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जांच में पता चलेगा कि मेडिकल कॉलेज में फीस माफ हुई या साफ। मेस का चार्ज बदलने के बाद दो बाबू भिड़ गए तो फीस के रिकॉर्ड गायब होने का मामला सामने आया है।
मेडिकल कॉलेज में मेस का चार्ज बदलने के बाद विभागीय लिपिक अरविंद सिंह एवं आउटसोर्स लिपिक अभिलेष श्रीवास्तव के बीच हुए विवाद के बाद जांच शुरू हुई है। दोनों बाबुओं ने एक-दूसरे पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इस जांच को शुरू होने पर यह भी चर्चा है कि दोनों बाबुओं की मेडिकल कॉलेज में गहरी में घुसपैठ है। इस मामले में आउटसोर्स लिपिक अभिलेष श्रीवास्तव को सीएमएस ऑफिस से अटैच कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार कोशिश की जा रही है कि जांच पूरी होने से पहले ही इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए।
मेडिकल कॉलेज एक बाबू के अनुसार, 15 छात्रों का मेस का फीस व 25 छात्रों का हॉस्टल फीस का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। मेस व हॉस्टल की फीस में हुई गड़बड़ी सामने आने की सुगबुगाहट है। इस जांच से पहले भी चार्ज पर रहने वाले बाबुओं पर आंच आ सकती है। मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं का एक महीने का हॉस्टल फीस 4800 रुपये है, जबकि मेस में भोजन करने के लिए एक महीने में 3700 रुपये फीस देनी पड़ती है। एक बाबू ने बताया कि हॉस्टल में छात्र-छात्राओं का 1.98 लाख रुपये फीस माफ दी गई है, जबकि शुल्क पंजिका नहीं बनने से ऑनलाइन के अलावा नकद जमा की गई फीस का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। 2021-22 की शुल्क पंजिका भी नहीं बनाई गई है, जबकि प्रति वर्ष प्रथम सेमेस्टर के बच्चों को एकेडमिक फीस जमा करनी पड़ती है, जो फीस कैटेगरी के अनुसार जमा कराई जाती है। जिसमें सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं एससी एसटी के छात्र-छात्राओं से निर्धारित फीस ली जाती है।
आज आ सकती है जांच रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज में दो बाबुओं की शिकायतों पर शुरू हुई जांच की रिपोर्ट मंगलवार को सामने आ सकती है। जांच समिति ने दोनों बाबुओं का बयान ले लिया है। सूत्रों के अनुसार जांच से पहले दोनों बाबुओं ने कदम पीछे खींच लिया है और वे अपनी अपनी शिकायत वापस ले सकते हैं। हालांकि, इस मामले में जांच अधिकारी डॉ. नौशाद आलम ने बताया कि दोनों बाबुओं के बयान हो गए हैं, मंगलवार को जांच पूरी हो सकती है।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में दोनों बाबुओं के भिड़ने के मामले में जांच समिति गठित की गई है। उनके लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य