सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने जिले की नहरों की सफाई नहीं होने के मामले में जांच का आदेश दिया है। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम के नेतृत्व में गठित चार टीम गठित की हैं। नहरों के अलावा अन्य नहरों की हकीकत जांचने के निर्देश दिए हैं। जांच में बजट के बावजूद भी नहरों में सिल्ट होने की रिपोर्ट सामने आएगी। कार्य में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
अमर उजाला में 17 दिसंबर को प्रकाशित खबर सिल्ट से पटी नहरें, किसान परेशान कैसे हो सिंचाई, की डीएम ने संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित की है। खबर में पड़ताल करते हुए जिले में विभिन्न नहरों के सिल्ट से पटे होने तथा उसमें पानी नहीं पहुंचने से किसानों की परेशानी बयां की गई थी। डीएम ने इटवा क्षेत्र में सोहना शाखा और इटवा शाखा की जांच के लिए एडीएम इटवा की अध्यक्षता में गठित टीम में अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी इटवा खंड व सहायक अभियंता सरयू नहर को सदस्य नामित किया है।
भनवापुर में सोहना शाखा की बिजवार बढ़ई माईनर की जांच के लिए एसडीएम डुमरियागंज की अध्यक्षता में पीडब्लूडी बांसी के अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता सरयू खंड को नामित किया है। इसी तरह बर्डपुर में मेखड़ा नाला पूर्वी नहर की जांच के लिए एसडीएम नौगढ और बानगंगा बैराज नहर की जांच के लिए एसडीएम शोरहतगढ़ की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। डीएम पवन अग्रवाल ने गठित टीम को नहरों की तथ्य सहित जांचकर तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।