संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बिजली तो आ रही है लेकिन पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से गर्मी से राहत देने वाले उपकरण ही बेअसर साबित हो रहे हैं। कई इलाकों में पंखे रेंग रहे हैं, कूलर दम तोड़ रहे हैं और एसी चालू नहीं हो पा रहे। लगातार लो-वोल्टेज के कारण मोटर और कंप्रेसर पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे महंगे उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है।
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों लो-वोल्टेज की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। खासकर शाम के समय बिजली की मांग बढ़ने पर वोल्टेज काफी नीचे पहुंच जाता है। इससे घरों में लगे पंखों की गति कम हो जाती है और कूलर पर्याप्त हवा नहीं दे पाते। कई जगह एसी चालू होने में दिक्कत आ रही है, जबकि फ्रिज की कूलिंग भी प्रभावित हो रही है।
बांसी कस्बे के संजय गुप्ता ने बताया कि पिछले सप्ताह लगातार लो-वोल्टेज के कारण उनके घर का रेफ्रिजरेटर खराब हो गया। मैकेनिक ने कंप्रेसर में खराबी बताई, जिस पर करीब चार हजार रुपये खर्च हुए। डुमरियागंज के राजेश यादव ने कहा कि शाम के समय वोल्टेज इतना कम हो जाता है कि एसी चालू ही नहीं हो पाता। पंखे भी बहुत धीमे चलते हैं, जिससे उमस भरी गर्मी में परेशानी बढ़ जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर है। इटवा क्षेत्र के मुन्ना चौधरी ने बताया कि कम वोल्टेज के कारण उनकी सबमर्सिबल मोटर कई बार ट्रिप कर चुकी है। अब मोटर की आवाज भी बदल गई है। मैकेनिक ने इसे जल्द बदलने की सलाह दी है। शोहरतगढ़ के मोहम्मद आरिफ ने कहा कि घर में लगा कूलर ठीक से नहीं चल रहा है। बिजली रहती है लेकिन वोल्टेज कम होने से राहत नहीं मिलती।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश घरेलू उपकरण 220 से 240 वोल्ट पर बेहतर ढंग से काम करने के लिए बनाए जाते हैं। जब वोल्टेज निर्धारित स्तर से नीचे पहुंच जाता है तो मोटर और कंप्रेसर को अधिक करंट खींचना पड़ता है। इससे उनकी कॉयल गर्म होने लगती है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर मोटर जल सकती है या उपकरण स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मरम्मत करने वाले अमित वर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में लो-वोल्टेज के कारण उपकरण खराब हो रहे हैं। सबसे ज्यादा फ्रिज, इनवर्टर, कूलर मोटर और पानी की मोटर मरम्मत के लिए आ रही हैं।