दोपहर 12 बजे तक छूट, सड़कों पर बेधड़क निकल रहे लोग
सुबह पांच बजे ही शुरू हो जाता है आवाजाही का सिलसिला
बाजार हो जाता है गुलजार, सड़कों पर बढ़ रही वाहनों की तादाद
नियम के आगे पुलिस भी बेबस, किसे रोके और किसे छोड़े
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलने वाले कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को घरों में रहने के लिए कहा जा रहा है। कहीं अपील की जा रही है तो कहीं कानून को सहारा लेकर कार्रवाई की जा रही है। बावजूद इसके लोग घरों से निकलने से परहेज नहीं कर रहे हैं। सड़कों पर लोग बेधड़क घूमते हुए नजर आ रहे हैं जैसे कि उन्हें बीमारी का कोई खौफ ही न हो।
सुबह रपांच बजते ही सड़कों पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है जो नौ बजने तक भीड़ का रूप ले लेती है। लॉकडाउन का पालन कराने में लगी पुलिस भी बेबस नजर आ रही है। वह भी क्या करे, कोई बीमार होने का हवाला देता है तो कोई सब्जी खरीदने और बैंक से रुपये निकालने की बात कहता है। अब वह किसे छोड़े और किस पर कार्रवाई करे। इसमें पुलिस उलझ जा रही है। अगर लोग खुद गंभीर नहीं हुए तो आने वाला दिन खतरनाक हो साबित होगा। महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है। एक-दूसरे के संपर्क मेें आने से फैलने वाली इस बीमारी से निजात पाने के लिए लॉकडाउन घोषित कर दिया। फिर भी मरीजों की संख्या में कमी होने के बजाए इजाफा हुआ तो इसकी अवधि तीन मई तक कर दी गई। लॉकडाउन में लोगों की समस्याओं को देखते हुए दवा, बैंक, सब्जी और जरूरत की अन्य सामग्री की दुकानें खोली गई थी, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित न हो और लोगों को खाने के सामान और दवा मिल सके। फिर क्या बिना काम के लोग सड़कों पर पूरे दिन घूमने लगे। इसके बाद प्रशासन ने दवा को जरूरत के सभी दुकानों को दोपहर 12 बजे के बाद बंद करने का निर्णय लिया। अब सुबह होते ही नगर में भीड़ एकत्र हो जा रही है जो चिंता का विषय बन चुका है। बेधड़क लोग सड़कों पर घूम रहे हैं। वहीं वाहन की आवाजाही भी बढ़ी है। पुलिस के रोकने पर 12 बजे तक खुला होने की बात कहकर निकल जा रहे हैं। अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगा तो लोगों के संक्रमित होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस बाबत एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। जांच किया जा रहा है कि कोई भीड़ जुटाता है और बिना काम के लोग घूमते हुए पाए जाएंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
12 बजे तक छूट, बन रहा है भीड़ का कारण
पहले पूरे दिन बंदी होने के कारण लोग घरों से कम निकलते थे। उन्हें संक्रमित होने का डर तो लगता ही था। इसके साथ ही यह भी डर था कि पकड़े जाने पर पुलिस कार्रवाई करेगी। मगर अब दोपहर 12 बजे तक जरूरत की वस्तुओं के खरीद के लिए आने-जाने पर छूट मिली तो अधिकांश घूमने वाले भी निकल रहे हैं। जो भी भीड़ जुटाने के लिए काफी है। एक साबुन खरीदने के लिए लोग शहर की रुख कर ले रहे हैं।