हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
सात साल बाद आए फैसले से परिवार को मिली न्याय
पथरा थाना क्षेत्र के काकरपोखर गांव में हुई थी युवक की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सात साल पुराने हत्या के एक मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने सोमवार को दो दोषियों को आजीवन कारावास और 27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य के अभाव में महिला आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। पथरा थानाक्षेत्र में हुए इस हत्याकांड के दोनों दोषियों को सजा मिलने से परिवार को न्याय मिला है।
ककरपोखर गांव निवासी मो. मुस्तफा ने 27 मार्च 2015 को पथरा थाने में तहरीर देकर गांव निवासी हबीबुर्रहमान उर्फ दुरु, महबूब व रैतुना खातून पर अपने बेटे महमूद व महबूब को चाकू मारने आरोप लगाया था। कहा था कि मौके पर महमूद की मौत हो गई थी। इस मामले में पथरा थाने में हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था।
मुख्य दंडाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेकर मामले का सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दिया था। सोमवार को सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शकीलुर्रहमान खान ने हबीबुर्रहमान उर्फ दुरू व मो. रफीक को धारदार हथियार से हमला करते हुए हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास और 27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि जमा न कर पाने पर दो माह अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। अभियोजन की तरफ से मुकदमे की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वर चंद्र दूबे ने किया। अभियुक्ता रैतुना खातून को न्यायालय ने दोषी न पाते हुए दोषमुक्त कर दिया।