बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, घर में कैद रहे लोग
20 एमएम से अधिक हुई बारिश, 24 घंटे से बिजली गुल, सड़क पर सन्नाटा
शहर से गांव तक जलभराव से बढ़ीं दुश्वारियां, सड़क के गड्डों में पानी भरने से दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लगातार 24 घंटे तक बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, लोग घर में कैद रहे और जरूरी कार्य से भी बाहर नहीं निकल सके। शहर से गांव तक जलभराव होने के कारण लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। बारिश होने से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई और लोग अंधेरे में ही रात काटने को मजबूर रहे।
बृहस्पतिवार दोपहर से शुरू बारिश बुधवार शाम तक थमी नहीं, जिससे लोगों का घर से निकलना मुहाल रहा। हालत यह रहा कि बुधवार सुबह लोग जरूरी कार्य अथवा खरीदारी करने के लिए भी घर से नहीं निकल सके। जिससे शहर से गांव तक की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो घर से निकले भी बारिश और जलभराव की समस्या से जूझने को मजबूर रहे। शहर के वन विभाग कॉलोनी, भीमापार, आजादनगर, बेड़सर, शिवाजी नगर कई मोहल्लों में नालियां चोक होने की वजह से सड़क पर जलभराव हो गया। यहां तक कि हायडिल तिराहे से सिद्धार्थ चौक तक जाने वाली मुख्य सड़क के गड्डों में पानी भरने से कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो गए। भनवापुर, इटवा, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, बढ़नी, बांसी, खेसरहा, उसका बाजार आदि कस्बों और गांवों में जलभराव से लोगों ने सांसत झेली। गांव में कच्ची सड़क पर कीचड़ एवं पानी भरने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ीं। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि 20 एमएम से अधिक बारिश हुई है। इससे कृषि कार्य में नुकसान होगा।
बिजली के बिना बंद हुए मोबाइल, इन्वर्टर भी बंद
24 घंटे से लगातार बारिश होने से शहर के कई मोहल्लों समेत गांवों में बिजली गुल रही। बारिश और तेज हवा के कारण कई जगहों पर पेड़ और डाल आदि गिरने से बिजली पोल एवं तार क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली गुल होने के कारण घरों के मोबाइल और इन्वर्टर बंद हो गए। कुछ क्षेत्र में वाटर पंप नहीं चलने से दिक्कतें हुईं। अधिशासी अभियंता बिजली आरके कुशवाहा ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
सब्जी की खेती और फलों को नुकसान
बेमौसम बारिश होने से सब्जी की खेती को बहुत नुकसान होगा, साथ ही आम आदि फलों की खेती पर भी दुष्प्रभाव पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश से तरोई, भिंडी, परवर, करेला, नेनुआ आदि हरी सब्जी की खेती प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि बारिश से खेत तैयार करना मुश्किल होगा, जिससे धान की नर्सरी डालने में भी देरी होगी। इससे धान की खेती में दिक्कत होगी। धान की नर्सरी में भी देर होने से किसानों का नुकसान हुआ है। जब खेतों में जमाव कम होगा तो नर्सरी डाली जा सकेगी।