शहर के उसका मार्ग पर बारात में डीजे के धुन पर झूमते युवा
सिद्धार्थनगर। शहर में डीजे के तेज शोर के कारण पढ़ाई करने वाले बच्चे-युवाओं का ध्यान भटक रहा है। कुछ लोगों ने बच्चों की शिक्षा के लिए शहर में मकान बनाया है तो कुछ बच्चों ने किराये का कमरा भी लिया। अब मैरिज हाल और होटलों में तेज आवाज में डीजे बजाने का प्रचलन बढ़ा तो उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं।
नियम के अनुसार 10 रात बजे के बाद डीजे साउंड पर प्रतिबंध होना चाहिए, जबकि आवाज ज्यादा तेज नहीं होना चाहिए। 50 डेसीबल से ऊपर की आवाज से लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन के पास आवाज मापने का यंत्र ही नहीं है।
इसी बहाने कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि इस परेशानी के कारण पढ़ाई करने वाले बच्चे भी परेशान हैं। कुछ लोगों ने पहले शहर में घर बना लिया और बाद में उन्हीं मोहल्लों में मैरिज हाल खुल गए। इस कारण शादियों के सीजन के बाद अन्य मौसम में भी जब आयोजन होते हैं तो डीजे के शोर से उनकी धड़कन बढ़ जा रही है। मधुकरपुर में किराए के कमरे में रहकर नीट की तैयारी करने वाली दिव्यांश मिश्र का कहना है कि कमरे में सुविधाएं अच्छी हैं। उनका कमरा है कोचिंग सेंटर के पास है, लेकिन उसी के बगल में मैरिज हाल भी है।
इस व्यवसाय में शामिल लोगों को टोकने पर संचालक विवाद करने लगते हैं। हुसैनगंज में रहने वाले आर्यन ने कहा कि शाम से ही देर रात तक डीजे बजता है तो मोहल्ले के लोगों की नींद हराम हो जाती है।
यूपी बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल घोषित हो चुका है, लेकिन पढ़ाई नहीं हो पा रही है। मधुकरपुर के प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि वे अपने मकान में कोचिंग पढ़ाते हैं। मैरिज हाल में कार्यक्रम के दौरान शाम से रात तक पढ़ाई बच्चों को पढ़ाना मुश्किल काम होता है। शहर में 20 से अधिक होटल मैरिज हाल हैं, वहां पढ़ाई का माहौल नहीं है। ी