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तीन घाट का पट्टा, 20 स्थानों पर हो रहा खनन

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डुमरियागंज क्षेत्र के राप्ती नदी के तट पर रमवापुर उर्फ नेबुआ में हो रहा अबैध बालू खनन। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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तीन घाटों का पट्टा, 20 स्थानों पर हो रहा बालू खनन
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: खनन विभाग ने जिले में नौगढ़ के दो और शोहरतगढ़ के एक घाट का किया है पट्टा
: डीएम ने अवैध खनन रोकने एवं जांच के लिए गठित की है तीन सदस्यीय कमेटी
सिद्धार्थनगर। खनन विभाग की तरफ से जिले में मात्र तीन घाटों पर बालू खनन का पट्टा किया गया है, जबकि विभिन्न नदियों के किनारे कई स्थानों पर बालू खनन हो रहा है। इससे जहां सरकार को राजस्व का घाटा हो रहा है, वहीं खनन के कारण नदियों के कटान का रुख गांवों की तरफ मुड़ रहा है। अवैध खनन के मामले में जांच नहीं होने के कारण धंधेबाजों के के हौसले बुलंदी पर हैं।
आठ वर्ष पूर्व जिले में राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी व बानगंगा आदि नदियों के किनारे 25 से अधिक घाटों को बालू खनन के लिए चिह्नित करते हुए खनन पट्टा आवंटित किया गया था। वहीं वर्तमान में जिले में सिर्फ छह स्थानों पर ही बालू खनन कराने के लिए पट्टा आवंटित करने की शासन से सहमति मिली है। इनमें नौगढ़ तहसील क्षेत्र में कूड़ा नदी किनारे तीन स्थानों पर और शोहरतगढ़ तहसील में बानगंगा के किनारे दो स्थान एवं बूढ़ी राप्ती नदी किनारे एक स्थान शामिल है। वर्तमान में नौगढ़ तहसील में कूड़ा नदी किनारे च्यूरहिया घाट और गुजरौलिया बेलटीकर घाट पर बालू खनन का पट्टा आवंटित है। इसके अलावा शोहरतगढ़ क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी किनारे सोनौली नानकार घाट पर बालू खनन का पट्टा है। शेष शोहरतगढ़ में बानगंगा नदी किनारे के खड़कुइयां नानकार व कोमर और नौगढ़ तहसील में कूड़ा नदी किनारे रोहुडीला घाट पर बालू खनन का पट्टा नहीं हुआ है, जबकि राप्ती किनारे डुमरियागंज, बांसी क्षेत्र में, बूढ़ी राप्ती नदी किनारे मिश्रौलिया, जोगिया, उसका एवं बानगंगा किनारे शोहरतगढ़ क्षेत्र में कई स्थानों बालू का अवैध खनन हो रहा है, लेकिन प्रशासन एवं खनन विभाग के खामोशी के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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अवैध खनन से गांव पर मंडराया खतरा
उसका क्षेत्र में छितरापार गांव के पास बूढ़ी राप्ती नदी किनारे हुए अवैध खनन से बांध एवं गांव पर खतरा मंडरा रहा है। गांव निवासी बेकारूराम, श्रवण कुमार, गंगाराम आदि का कहना है कि जहां एक तरफ सिंचाई विभाग नदी कटान से बांध बचाने के लिए बचाव कार्य करा रहा है, वहीं गांव के पास ही अवैध खनन के कारण नदी कटान की दिशा बदलने से बांध और गांव पर खतरा मंडरा रहा है।
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अवैध खनन से करोड़ों का राजस्व घाटा
जिले में जिन तीन घाटों का पट्टा हुआ है इनमें प्रत्येक घाट पर एक करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक राजस्व देय है। ऐसे में तीन अन्य घाटों संचालन नहीं होने से सरकार को तो हानि हो रही रही है, बिना पट्टा के हो रहे बालू खनन से भी करोड़ों रुपये की राजस्व हानि हो रही है। खनन निरीक्षक नरेश महतो बताते हैं कि जिले में उन्हें अवैध खनन की कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, इस मामले में पड़ताल की जाएगी।
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