रोजगार सेवकों के नेता को चार वर्ष के कारावास की सजा
प्राणघातक हमला करने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
दो अन्य अभियुक्तों को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने प्राणघातक हमला करने के मामले में दोषी पाए गए रोजगार सेवकों के नेता को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, अन्य दो अभियुक्तों को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
रामापुर गांव निवासी पिन्टू उर्फ मनोज कुमार दुबे ने शोहरतगढ़ थाने पर तहरीर दी कि उसके घर के सामने नाली पर ग्राम पंचायत द्वारा सीमेंट का ढक्कन बनवाकर लगाया गया था। 23 जनवरी 2012 की शाम पट्टीदार शिक्षामित्र सत्य प्रकाश, रोजगार सेवक संघ का प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप, छोटक, गायत्री प्रसाद द्वारा ढक्कन तोड़ा जाने लगा। जिसे उनके पिता कमला प्रसाद दुबे द्वारा मना किया गया। वह लोग लाठी डंडा, कुल्हाड़ी व कुदाल लेकर उनको मारने लगे जिससे उन्हें गंभीर प्राणघातक चोटें आईं।
गांव वालों के हस्तक्षेप से किसी तरह उनकी जान बची। पीड़ित की तहरीर पर शोहरतगढ़ पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की विवेचना की। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त कुलदीप दुबे को हत्या के नीयत से प्राणघातक चोटें पहुंचाने व धारदार हथियार से वार करके मारपीट का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे चार वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई व 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड जमा न करने पर चार माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगा। वहीं अभियुक्त सत्य प्रकाश व छोटक को मारपीट का दोषी पाकर उन्हें एक-एक वर्ष के कारावास से दंडित किया है। जबकि अभियुक्त गायत्री की सुनवाई के दौरान मृत्यु होने की वजह से उनका परीक्षण नहीं किया गया। अर्थदंड के 50 प्रतिशत धनराशि को चोटिल कमला दुबे को दिया जाएगा। शेष राजकीय कोष में जमा करने का आदेश भी न्यायालय ने दिया। सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार मिश्र ने किया।