अखिलेश की उपलब्धियां गिनाने को बहाया पसीना
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नौ दिनों तक गांव की गलियों, पगडंडियों पर सरपट भागती सपा की साइकिल अंतिम दिन नगर में पहुंचते ही अनियंत्रित हो गई। नियत्रंण इस कदर बिगड़ा कि पूरे नगर की यातायात व्यवस्था ही छिन्न-भिन्न गई। साइकिल यात्रा के चलते नगर के मेन सिद्धार्थ तिराहे पर दो घंटे तक जाम लगा रहा। जाम में सिर्फ सड़क मार्ग ही नहीं रेलवे लाइन भी बाधित रहा। करीब आधे घंटे तक पैसेंजर ट्रेन स्टेशन पर ही खड़ी रही। तीखी धूप में बिलबिलाते राहगीर कभी सरकार तो कभी यात्रा के संयोजकों को कोसते रहे।
एक मई से शुरू हुई समाजवादी जनसंदेश यात्रा का मंगलवार को समापन था। तय कार्यक्रम के तहत समापन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के मुख्यालय पर होना था। सदर विधानसभा क्षेत्र का कार्यक्रम सिद्धार्थ तिराहे पर आयोजित हुआ।
समापन के बहाने अपनी ताकत दिखाने के लिए विधायक ने पूरी ताकत झोंक दी थी। इसका असर भी रहा। गांव-गिरांव से साइकिल लेकर लोग सिद्धार्थ तिराहे पर जुटना शुरू हुए तो फिर हर तरफ साइकिल ही साइकिल थी।
समाजवादी झंडा और टोपी के साथ सैकड़ों साइकिल सवारों ने सिद्धार्थ तिराहे को इस कदर चपेट में लिया कि दो घंटे तक सभी वाहनों के पहिए थम गए। बेहद व्यस्त और संकरा होने के चलते तिराहे पर सामान्य दिनों में ही जाम लग जाता है। ऐसे में साइकिल यात्रा के समापन कार्यक्रम के चलते तो स्थिति बदतर हो गई।
इस बीच दोपहर में गोरखपुर-बढ़नी और बढ़नी-गोरखपुर पैंसेजर ट्रेन के आगमन के कारण रेलवे क्रॉसिंग भी बंद हो गया। फिर क्या था, जो जहां खड़ा था, वहीं ठहर गया। चिलचिलाती धूप में राहगीर करीब दो घंटे तक (सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक) छटपटाते रहे, मगर कोई समाधान नहीं हो पाया।
मुख्य मार्ग के अलावा खजुरिया रोड, स्टेशन रोड सहित अन्य वैकल्पिक रास्ते भी जाम के कारण प्रभावित रहे। हाल-बेहाल जनता आयोजकों के साथ सरकार को भी कोसती रही। जाम में फंसे बर्डपुर के सतीष, कन्हैया, ककरहवा के सुरेश का कहना था कि शक्ति प्रदर्शन करने के लिए सड़क ही बची थी। किसी खुले मैदान में कार्यक्रम कर सरकार का संदेश देते, पब्लिक को क्यों परेशान किया जा रहा। इस मामले में प्रशासन की बेरुखी पर भी लोगों में नाराजगी दिखी।