लंगूरों को पकड़े जाने की मांग को प्रदर्शन करते बारीडीहा गांव के लोग।
धनघटा। क्षेत्र के बारीडीहा गांव में आतंक का पर्याय बने लंगूरों को पकड़ने में जिम्मेदार दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। गांव के लोग भय के वातावरण में किसी तरह अपना कामकाज निपटा रहे हैं। लंगूरों को न पकड़े जाने से नाराज लोगों ने मंगलवार को गांव में ही प्रदर्शन किया।
पूर्व प्रधान रमेश चौरसिया, परशुराम, सूरज, श्याम करन, रामबली, राम रतन, राजीव आदि का कहना था कि उनके गांव में 15-20 दिन पूर्व झुंड में आए लंगूरों ने यहां ठिकाना बना लिया है। लंगूरों के हमले में एक वृद्ध की जान चली गई और पांच लोग घायल भी हो चुके हैं।
हमलावर हो चुके लंगूरों को पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया जा रहा है। लेकिन, वे लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव के लोग भयभीत हैं। गांव से बाहर आना-जाना खतरे से खाली नहीं है। लंगूर घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जा रहे हैं।
उनको रोकने का साहस लोग नहीं जुटा पा रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि अब गांव में रहना ही मुश्किल होता जा रहा है।
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान गांव के लोगों ने कहा कि अगर दो दिन में लंगूर पकड़े नहीं गए तो गांव के लोग तहसील पर धरना देंगे। उसकी जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।