संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बजट के अभाव में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए जिले में पेयजल परियोजनाओं को झटका लगा है। नौ माह से इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए मांगा गया 125 करोड़ रुपये का बजट शासन से आवंटित नहीं हो पाया है।
इससे शहर की पांच और ग्रामीण क्षेत्र की दो सौ से अधिक परियोजनाओं का कार्य ठप हो गया है। इनमें कई परियोजनाओं में कार्यदायी संस्था ने कहीं पर सिर्फ बाउंड्रीवाल तो कहीं पाइप बिछाकर छोड़ दिया है। इससे 15 लाख से अधिक आबादी को जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद निराशा में बदल गई है।
जल जीवन मिशन के तहत जिले के 2067 गांवों को पेयजल से संतृप्त करने के लिए पूर्व में संचालित वाटर सप्लाई के अतिरिक्त 773 नई परियोजनाएं बननी थीं। इसमें कई पेयजल परियोजनाएं अभी भी अधूरी पड़ी हैं।
निर्माणाधीन अधिकांश पाइप परियोजनाओं में नलकूप, पंप हाउस, पंपिंग प्लाट, सोलर सिस्टम स्थापना, बाॅउंड्रीवाल, गेट, ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। इनके साथ ही भूमिगत पाइप की स्थिति इन्हें बिछाने के लिए काटी गई सड़कों की मरम्मत भी अधूरी पड़ी है। जिले के सभी 2324 राजस्व गांव में लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए तीन कंपनियों की तरफ से 773 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण हो रहा है।