-ज्योतिष के जानकारों ने इसे मानव समाज के लिए हानिकारक बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। इस बार आषाढ़ मास में ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जो कई सदियों के बाद देखने को मिलेगा। आषाढ़ मास 23 जून से 21 जुलाई तक रहेगा और इसमें कृष्ण पक्ष केवल 13 दिनों का होगा।
ज्योतिषाचार्य पं. राकेश शास्त्री ने बताया कि द्वापर युग के महाभारत काल का संयोग एक बार फिर बन रहा है। इसके कारण आषाढ़ कृष्ण पक्ष सिर्फ 13 दिनाें का होगा। महाभारत के पहले 13 दिन का पक्ष निर्मित हुआ था। ज्योतिष शास्त्र में इसे दुर्योग काल माना जा रहा है। महाभारत काल का संयोग बनने के कारण प्राकृतिक प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हिंदू पंचांग के अनुसार संवत 2081 में आषाढ़ मास 23 जून से 21 जुलाई तक रहेगा। इस दौरान कृष्ण पक्ष केवल 13 दिन का रहेगा। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की शुरुआत 23 जून को होगी और समापन पांच जुलाई को होगा। इस कृष्ण पक्ष में दो तिथि द्वितीया और चतुर्थी का क्षय हो रहा है। ऐसा संयोग कई शताब्दियों में बनता है और इसे विश्व घस्त्र पक्ष कहते हैं।
उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष 13 दिन का होने से पृथ्वी पर जनहानि, युद्ध की संभावना बनती है। जिस वर्ष 13 दिन का पक्ष होता है, वह वर्ष संपूर्ण विश्व के लिए हानिकारक होता है। ऐसा दुर्योग होने से अतिवृष्टि, अनावृष्टि, राजसत्ता का परिवर्तन, विप्लव, वर्ग भेद आदि उपद्रव होने की आशंका पूरे साल बनी रहती है।