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नेपाल में कोरोना पॉजिटिव मिले तीन भारतीय मौलाना, जालिम मुखिया के हैं करीबी

Mon, 13 Apr 2020 02:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
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जालिम मुखिया - फोटो : अमर उजाला
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नेपाल में हिरासत में लेकर आइसोलेशन वार्ड में रखे गए तीन भारतीय मौलानाओं की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ये तीनों जालिम मुखिया के करीबी बताए जा रहे हैं। ये बीरगंज महानगर पालिका क्षेत्र स्थित छपकैया जामा मस्जिद में छिपे हुए थे।
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इनके दिल्ली तब्लीगी जमात से जुड़े होने के साथ ही तीनों को यहां छिपाने में जालिम मुखिया की भूमिका की जांच हो रही है। इन सबके बीच, जालिम मुखिया ने परसा बीरगंज जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर खुद को निर्दोष बताया है।

परसा बीरगंज जिले के एसपी गंगा पंत ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व तीन भारतीय मौलानाओं के छपकैया जामा मस्जिद में छिपे होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। इनके लार के नमूने जांच के लिए हेतौड़ा स्थित क्षय रोग अनुसंधान केंद्र भेजे गए थे। रविवार को आई रिपोर्ट में तीनों कोरोना पॉजिटिव मिले।
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अब इनके दिल्ली स्थित तब्लीगी जमात से जुड़े होने की जांच की जा रही है। जिले के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ललित कुमार बस्नेत ने बताया कि तीनों मौलानाओं को नारायणी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। ये तीनों जालिम मुखिया के करीबी बताए जा रहे हैं। जालिम मुखिया का जामा मस्जिद प्रबंधन से नजदीकी संबंध है।

पुलिस जांच कर रही है कि क्या तीनों भारतीय मौलानाओं को जामा मस्जिद में छिपाने में जालिम मुखिया की भूमिका थी। एसपी ने कहा कि अगर यह बात सही साबित हुए तो जामिल मुखिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अफसरों से मिला जालिम, बोला- मैं निर्दोष
कोरोना संक्रमितों के भारत में घुसपैठ की खबर प्रकाशित होने के बाद जालिम मुखिया शनिवार को परसा बीरगंज परसा जिला प्रशासन के अफसरों से पास जा पहुंचा। उसने खुद को निर्दोष बताया और अपना नाम सामने आने पर आपत्ति जताई। जालिम मुखिया जगरनाथपुर गांव पालिका का अध्यक्ष है और नेपाल सत्तारूढ़ पार्टी में उसकी अच्छी पकड़ है।
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