भव्यता के साथ मनाया जाएगा कपिलवस्तु महोत्सव
दिसंबर के प्रथम सप्ताह में सात दिवसीय महोत्सव पर बनी सहमति
डीएम की अगुवाई में प्रबुद्ध वर्ग के साथ हुई बैठक, मांगे गए सुझाव
जनपद स्थापना दिवस 29 दिसंबर को आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जनपद स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाला कपिलवस्तु महोत्सव-2019 को भव्यता के साथ मनाया जाएगा। डीएम के साथ प्रबुद्ध वर्ग की बैठक में दिसंबर के प्रथम सप्ताह में ही सात दिवसीय महोत्सव मनाने पर मुहर लगाई गई। जबकि जनपद स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 29 दिसंबर को विविध कार्यक्रम होंगे।
बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में हुई कपिलवस्तु महोत्सव आयोजन समिति की बैठक में तिथि निर्धारण पर चर्चा हुई। इस दौरान विगत दो वर्षों से मनाए जा रहे महोत्सव के स्वरूप को ही आगे बढ़ाते हुए दिसंबर के प्रथम सप्ताह में ही सात दिवसीय मनाने पर सहमति बनी। इसकी तिथि दीपावली पर्व के बाद पुन: बैठक में घोषित की जाएगी। जबकि 29 दिसंबर को जनपद स्थापना दिवस के मौके पर पूर्व में आयोजित विविध कार्यक्रमों के साथ ही नए स्वरूप में कराने का भी निर्णय लिया गया। डीएम ने कहा कि महोत्सव को यादगार बनाने के लिए पूर्व की परंपरा से हटकर भी विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनपद के लोगों की सहभागिता के लिए हर स्तर पर प्रयास होंगे। प्रत्येक कार्यक्रम की सफलता के लिए समितियों का गठन किया जाएगा। इसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों को बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर, डीडीओ राजेन्द्र प्रसाद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल सिंह, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी विमलेश कुमार, पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रहलाद पांडेय, प्रोफेसर सुरेन्द्र मिश्र, प्रधानाचार्य डॉ. नलिनीकांत त्रिपाठी, डॉ. चन्द्रेश उपाध्याय, डॉ. आफरीन अतहर, लोकतंत्र रक्षक सेनानी लालता प्रसाद चतुर्वेदी, प्रवक्ता सच्चिदानंद शुक्ला, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी, मंत्री योगेन्द्र पांडेय, सूचना विभाग के नजमुल हुदा, विनय सिंह, ज्ञानेन्द्र तिवारी आदि की उपस्थिति रही।
ज्ञानवर्धन के लिए लगेगा पुस्तक मेला
कपिलवस्तु महोत्सव में पहली बार पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा। ताकि जनपद के प्रबुद्ध वर्ग, साहित्यकारों, युवाओं को पुस्तकों को खरीदने व पढ़ने का मौका मिल सकेगा। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं।
स्थानीय कवियों को मिलेगा मौका
महोत्सव में ऐसा पहली बार होने जा रहा, जब जिले के कवि व शायरों को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। डीएम के मुुताबिक सात दिवसीय महोत्सव में किसी एक दिन कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन होगा, जिसमें सिर्फ स्थानीय लोगों की सहभागिता रहेगी।