बांसी। इटवा तहसील में तैनात कानूनगो को एंटी करप्शन बस्ती की टीम ने मंगलवार की शाम गिरफ्तार कर कोतवाली बांसी ले आई थी। जहां कानूनगो के विरुद्ध केस दर्ज कराकर उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। बुधवार को कोतवाली पुलिस ने कानूनगो को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बताते चलें कि इटवा क्षेत्र के पकड़ी शुक्ल गांव निवासी धनीराम पुत्र घिराउ अपने खेत का नक्शा दुरुस्ती के लिए कानूनगो का रिपोर्ट लगवाने के लिए दो माह से दौड़ रहे थे। इसके लिए कानूनगो भोलानाथ चौधरी ने 50 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें यह तय हुआ कि आधा रकम काम होने से पहले और आधा रकम काम होने के बाद दिया जाएगा।
धनीराम ने रिपोर्ट लगवाने के लिए पांच हजार रुपये पहले और 20 हजार रुपये मंगलवार को देने आया था। धनीराम ने इसकी सूचना एंटी करप्शन की टीम को दे रखा था और टीम के निर्देशन में वह 20 हजार रुपये देने आया था। जैसे ही उसने कानूनगो को 20 हजार रुपये दिया।
एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे कोतवाली बांसी ले आई। जहां बस्ती मंडल एंटी करप्शन टीम प्रभारी विनोद कुमार यादव ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराकर कानूनगो को बांसी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। इस संबंध में कोतवाल गौरव सिंह का कहना है कि गिरफ्तार कानूनगो को न्यायालय भेज दिया गया है।
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