फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कन्नन हत्याकांड : विश्वास ही नहीं, रिश्ते का भी संगीता ने कर दिया कत्ल

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। कन्नन हत्याकांड में संगीता ने पति कन्नन के विश्वास का ही नहीं, बल्कि भाई और भतीजे के रिश्ते को भी कलंकित कर दिया।
प्रेमी जब घर आता था तो किसी से बुआ का लड़का तो किसी से अन्य रिश्तेदार बताती था, जिसे रिश्ते का भी कत्ल कहना गलत न होगा। वहीं, लोगों का कहना है कि कई बार युवक आता था, लेकिन कन्नन विश्वास करता था, या अनेदखा, यह समझ में नहीं आ रहा है। क्योंकि वह जानता था कि संगीता दिल्ली की है। यहां हमारे सिवा उसका कोई नहीं है, तो फिर रिश्तेदार कैसे पैदा हो गए।
रिश्ते की अनदेखी या फिर आंख मूंदकर विश्वास दोनों उसके कत्ल की वजह बनी है। वहीं दोनों के सलाखों के पीछे गए चार दिन गुजर चुके हैं, लेकिन हर किसी की जुबां पर यही सवाल है। लोग संगीता पर तरह- तरह के आरोप लगा रहे हैं। उसके चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है।
विज्ञापन

इसमें बलरामपुर पुलिस का सहयोग ले रही है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक ढेबरुआ अनुज कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार करके आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
मिलने के लिए तुलसीपुर जाती थी संगीता : सूत्रों की मानें तो संगीता अनिल से नजदीकी बढ़ने के बाद जहां मोबाइल पर लंबी बात करती थी। वहीं, मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया। पहले तो वह तुलसीपुर जाने लगी। बताया जा रहा है कि अनिल एक होटल में मैनेजर था। जहां दोनों भोजन नाश्ता करते थे। इसके बाद निकल जाते थे। कभी दवा कराने की बात जानकारी में देकर संगीता जाती थी तो कभी कन्नन के मछली पकड़ने और बिक्री करने जाने के बाद निकलती थी। कन्नन भले ही उसे रोकता नहीं, लेकिन वह उसके निकलने और घर पहुंचने का लगभग टाइम जानती थी। इसलिए चली आती थी।
विज्ञापन

इसके बाद घर पर रिश्तेदार के रूप में बुला लेती थी। सच की लोगों को जानकारी हो न जाए। इसके लिए खुद जाना सही समझती थी। फिर हमेशा के लिए एक होने की ठान ली और कन्नन को हमेशा के लिए रास्ते से हटा दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें